India-France Relations : विकसित भारत 2047 में फ्रांस की एंट्री, निर्मला सीतारमण ने निवेशकों को दिया बड़ा न्योता
जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशने का आग्रह किया
India-France Relations : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने फ्रांस के कारोबारियों और निवेशकों को 'विकसित भारत 2047' की यात्रा में भागीदार बनने का आमंत्रण दिया। उन्होंने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा दोनों देशों की साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया। वित्त मंत्री ने कल पेरिस में आयोजित 'भारत-फ्रांस व्यापार गोलमेज बैठक' को संबोधित करते हुए फ्रांस के निवेशकों से स्वास्थ्य सेवा, दवा एवं जैव-प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में साझेदारी के अवसर तलाशने का आग्रह किया।
क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर उपलब्ध
उन्होंने कहा कि जीवन विज्ञान, टीकों, सक्रिय औषधीय अवयवों (एपीआई), नैदानिक अनुसंधान, प्रिसिजन मेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों की पूरक क्षमताओं का उपयोग कर मजबूत स्वास्थ्य सेवा मूल्य शृंखला विकसित की जा सकती है। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि सीतारमण ने भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव का भी उल्लेख किया। इसमें वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने का लक्ष्य, राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन पहलों से नवीकरणीय ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बैटरी भंडारण, अपतटीय पवन ऊर्जा और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर उपलब्ध हैं।
176 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुके
भारत के वित्तीय परिवेश का उल्लेख करते हुए सीतारमण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में उभरा है। जून 2026 तक इसके साथ 1,200 से अधिक संस्थाएं पंजीकृत थीं, जबकि बैंकिंग परिसंपत्तियां 111 अरब अमेरिकी डॉलर व संचयी बैंकिंग लेनदेन 176 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुके हैं। बैंकिंग, कोष प्रबंधन, पट्टे (लीजिंग), वैश्विक क्षमता केंद्र (जीसीसी), पुनर्बीमा और टिकाऊ वित्त जैसे क्षेत्रों में अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।
उन्होंने राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष (एनआईआईएफ) का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इसका प्रस्तावित 3.5 अरब अमेरिकी डॉलर का 'इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड-2' और एक अरब अमेरिकी डॉलर का 'प्राइवेट मार्केट्स फंड-2' अवसंरचना, डिजिटल अवसंरचना, हरित हाइड्रोजन, ऊर्जा बदलाव और अन्य उच्च वृद्धि वाले क्षेत्रों में दीर्घकालिक निवेश के अवसर प्रदान करते हैं।
Union Minister for Finance & Corporate Affairs Smt. @nsitharaman participated in an India-France Business Roundtable with leading French businesses and institutions, in Paris, today.
Setting the context of a rapidly evolving global economy shaped by technological transformation,… pic.twitter.com/Ak6rdaw93L
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) July 2, 2026
द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो गया
सीतारमण ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत और फ्रांस के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना हो गया है। प्रौद्योगिकी बदलाव, आपूर्ति शृंखला के विविधीकरण, ऊर्जा परिवर्तन और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के नए अवसर पैदा हुए हैं। भारत और फ्रांस वैश्विक कृत्रिम मेधा (एआई) परिवेश को आकार देने में विश्वसनीय साझेदार हैं और विश्वसनीय एआई, डिजिटल अवसंरचना तथा अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों में सहयोग का दायरा बढ़ा सकते हैं।

