IDFC First Bank Scam: हरियाणा सचिवालय से कूदे अकाउंट ऑफिसर का सुसाइड नोट आया सामने
IDFC First Bank Scam: आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ एफडी घोटाले से जुड़ा मामला, तीन लोगों पर केस दर्ज
IDFC First Bank Scam: हरियाणा सचिवालय की आठवीं मंजिल से कूदकर जान देने वाले हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के अकाउंट ऑफिसर बलवंत सिंह मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बलवंत सिंह का कथित सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें उन्होंने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के 590 करोड़ रुपये के एफडी घोटाले का जिक्र करते हुए अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुसाइड नोट में बलवंत सिंह ने लिखा है कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर करोड़ों रुपये की FD निकाली गई और पूरे मामले का दबाव उन पर डाला जा रहा था। नोट में पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर अमित दीवान का नाम भी लिखा गया है। बलवंत ने दावा किया कि मामले की जांच और दबाव के कारण वह लगातार मानसिक तनाव में थे।
इस मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने बलवंत सिंह की पत्नी प्रेमलता की शिकायत पर पूर्व सीएफओ अमित दीवान, सीए राजेश गोयल और आशीष गोगिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अमित दीवान पहले से ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक एफडी घोटाले में जेल में बंद है।
यह मामला करीब 590 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिसकी जांच सीबीआई कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अब सीबीआई ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए कुछ आईएएस अधिकारियों से भी पूछताछ शुरू कर दी है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि बलवंत सिंह पिछले काफी समय से तनाव में थे। आत्महत्या से पहले उन्होंने पत्नी को गले लगाया और बच्चों से कहा, ‘बड़ा अफसर बनना, छोटे कर्मचारी की कोई औकात नहीं होती।‘
परिवार का आरोप है कि विभाग के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का उन पर लगातार दबाव था। पुलिस के अनुसार 44 वर्षीय बलवंत सिंह सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे विजिटर पास बनवाकर हरियाणा सचिवालय पहुंचे थे। वहां उन्होंने कुछ अधिकारियों से मुलाकात की। दोपहर बाद उन्होंने सचिवालय की आठवीं मंजिल से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उन्हें सेक्टर-16 सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मंगलवार को बलवंत सिंह के परिवार के बयान दर्ज किए गए थे।

