IAF Sukhoi 30MKI Crash : असम के कार्बी आंगलोंग में वायुसेना का सुखोई-30 क्रैश; कल लापता हुए विमान का मलबा मिला, दोनों जांबाज पायलट शहीद
वायुसेना ने स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश की शहादत की पुष्टि की, कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश
असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायुसेना का एक सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। गुरुवार शाम से लापता इस विमान का मलबा शुक्रवार तड़के बरामद हुआ। इस दुखद हादसे में विमान उड़ा रहे दोनों पायलट स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुर्गकर शहीद हो गए हैं। वायुसेना ने शुक्रवार सुबह आधिकारिक बयान जारी कर जांबाज अधिकारियों की शहादत की पुष्टि की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
IAF acknowledges the loss of Sqn Ldr Anuj and Flt Lt Purvesh Duragkar, who sustained fatal injuries in the Su-30 crash. All personnel of the IAF express sincere condolences, and stand firmly with the bereaved family in this time of grief.@DefenceMinIndia@SpokespersonMoD… pic.twitter.com/zUtfUJ2ewr
— Indian Air Force (@IAF_MCC) March 6, 2026
रडार से गायब होने के बाद चला बड़ा सर्च ऑपरेशन
#WATCH | Karbi Anglong, Assam: The IAF Su-30MKI, which was on a training mission, crashed in the area of Karbi Anglong, Assam, approx 60 km from Jorhat. Search operations are underway. pic.twitter.com/YeSCevmSGn
— ANI (@ANI) March 6, 2026
वायुसेना के अधिकारियों के अनुसार, रूसी मूल के इस शक्तिशाली लड़ाकू विमान ने गुरुवार शाम को जोरहाट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण मिशन के लिए उड़ान भरी थी। उड़ान के कुछ ही समय बाद, शाम करीब 7:42 बजे विमान का रडार और एटीसी (एयर ट्रैफिक कंट्रोल) से संपर्क अचानक टूट गया। विमान के लापता होते ही वायुसेना ने तत्काल बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। शुक्रवार रात करीब 1 बजे जोरहाट से लगभग 60 किलोमीटर दक्षिण में चोकीहोला के घने जंगली इलाके में विमान का मलबा पाया गया।
हादसे के कारणों की उच्च स्तरीय जांच शुरू
वायुसेना मुख्यालय ने इस गंभीर हादसे की वजहों का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश दे दिए हैं। जांच टीम इस बात की पड़ताल करेगी कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या इसके पीछे खराब दृश्यता (Visibility) जैसे अन्य कारण रहे। शहीद हुए दोनों पायलट अनुभवी थे और एक चुनौतीपूर्ण मिशन पर थे। वायुसेना ने एक शोक संदेश में कहा कि पूरा बल दुख की इस घड़ी में शहीद जांबाजों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है।
वायुसेना का मुख्य आधार है सुखोई 30MKI
सुखोई-30MKI भारतीय वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। दो सीटों वाला यह बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान लंबी दूरी तक मार करने में सक्षम है। इसका विकास रूस की सुखोई कंपनी ने किया है, लेकिन अब इसे भारत में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा लाइसेंस के तहत निर्मित किया जाता है। वर्तमान में वायुसेना के बेड़े में 260 से अधिक सुखोई जेट शामिल हैं।
हालिया हादसे :
जून 2024: महाराष्ट्र के नासिक जिले में एक सुखोई विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।
जनवरी 2023: ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरने के बाद एक सुखोई-30 जेट क्रैश हुआ था।
इन दुर्घटनाओं ने एक बार फिर विमान के रखरखाव और सुरक्षा मानकों पर चर्चा छेड़ दी है। वायुसेना अब इस ताजा घटना के हर तकनीकी पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

