Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

निराश हूं... समझ से परे है फैसला; अरावली पर SC के फैसले से कांग्रेस नाराज, जयराम रमेश ने उठाए गंभीर सवाल

अरावली समिति की समयसीमा पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला समझ से परे: रमेश

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
जयराम रमेश। फ़ाइल फ़ोटो
Advertisement

Aravalli Hills Dispute : कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अरावली पर्वतमाला संबंधी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अनुरोध को अस्वीकार किए जाने पर सोमवार को निराशा जताई और कहा कि यह फैसला समझ से परे है। समिति ने अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया था।

पूर्व पर्यावरण मंत्री रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ''न्यायालय ने अपने विवेक से अरावली संबंधी उच्चाधिकार प्राप्त समिति के 31 अगस्त, 2026 के बाद अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का विस्तार देने के सबसे जायज अनुरोध को खारिज कर दिया है।''

Advertisement

उन्होंने कहा कि समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अगस्त, 2026 के बाद छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा था। कांग्रेस नेता ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को ''दुर्भाग्यपूर्ण और समझ से परे'' बताया। सुप्रीम कोर्ट ने उच्चाधिकार प्राप्त समिति को अरावली पहाड़ियों की परिभाषा और संरक्षण पर अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय देने से सोमवार को इनकार कर दिया।

Advertisement

भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने समिति को 30 नवंबर तक अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर समिति का पुनर्गठन किया जाएगा।

Advertisement
×