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HPV Vaccination: सुप्रीम कोर्ट ने एचपीवी टीकाकरण पर जनहित याचिका की सुनवाई से किया इनकार

HPV Vaccination: सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के वास्ते किशोरियों के लिए सरकार द्वारा देशभर में चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को लेकर चिंता जताने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार...

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प्रतीकात्मक चित्र
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HPV Vaccination: सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के वास्ते किशोरियों के लिए सरकार द्वारा देशभर में चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान को लेकर चिंता जताने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया।

भारत के प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि टीकाकरण के किसी मामले में यदि कोई गलती होती है तो मुआवजे के सामान्य नियम लागू होंगे।

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पीठ ने पूछा, ''क्या आप याचिका वापस लेना चाहेंगे? क्या आप चाहते हैं कि हम इस पर कोई टिप्पणी करें?'' पीठ ने कहा, ''हमें कोई कड़ी टिप्पणी करने के लिए मजबूर मत कीजिए। यदि याचिकाकर्ता डॉक्टर हैं तो यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। यह हमारी लाखों बेटियों के स्वास्थ्य का सवाल है और आप इस अभियान को पटरी से उतारना चाहते हैं।''

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शीर्ष अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि जनहित याचिका किसी छिपे हुए उद्देश्य से दायर की गई है और याचिकाकर्ता की मंशा सद्भावनापूर्ण नहीं है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल टीकाकरण के बाद होने वाली प्रतिकूल घटनाओं और मुआवजे के मुद्दे पर जोर दे रहे हैं, एचपीवी टीके के खिलाफ कुछ नहीं कह रहे हैं।

वकील ने कहा, ''मैं बिल्कुल भी टीकाकरण के विरोध में नहीं हूं। मेरी पहली आपत्ति इसके लागू किए जाने के तरीके को लेकर है। दूसरी बात, प्रतिकूल घटनाओं से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं है। जब भी कोई प्रतिकूल घटना हो, उसकी निगरानी की जानी चाहिए। साथ ही मुआवजे की भी कोई योजना होनी चाहिए।''

शीर्ष न्यायालय द्वारा याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किए जाने के बाद वकील ने याचिका वापस ले ली, जिसके बाद इसे खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट 'यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गनाइजेशन' की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। याचिका में सरकार समर्थित एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम को लागू किए जाने के तरीके को चुनौती दी गई थी।

याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह कार्यक्रम सूचित सहमति, शारीरिक स्वायत्तता, पारदर्शिता और जवाबदेही की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से 14 वर्षीय लड़कियों के लिए देशव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी।

इस अभियान के तहत एक खुराक वाले गार्डासिल-4 टीके का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह टीका एचपीवी के टाइप 16 और 18 से सुरक्षा प्रदान करता है, जो सर्वाइकल कैंसर के लिए जिम्मेदार वायरस हैं। इसके अलावा यह एचपीवी के टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देता है।

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