Hostel Building Collapse : मुझे बचा लो... धूल से ढका चेहरा और माथे से बहता खून, मलबे के नीचे से सामने आया छात्र का वीडियो
दिल्ली इमारत हादसा: मलबे में दबे व्यक्ति का वीडियो सामने आया, बचाव अभियान जारी
Hostel Building Collapse : दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन में एक इमारत गिरने से मलबे के ढेर में दबे एक छात्र का वीडियो सामने आया है जिसमें उसका चेहरा धूल से ढका हुआ है और वहां खून बहने के निशान साफ नजर आ रहे थे। दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास एक संकरी गली में स्थित करीब 50 साल पुरानी पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर ढह गई। इस इमारत में लड़कों के लिए छात्रावास संचालित हो रहा था। हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि चार का एम्स ट्रॉमा सेंटर में उपचार जारी है। हादसे में कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।
इमारत गिरने के बाद छात्र इलाके में राहतकर्मियों, उनके परेशान दोस्तों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जो मलबे में दबे लोगों को बचाने की कोशिश में जुटे रहे। छात्रों के बीच प्रसारित एक वीडियो में इमारत गिरने के बाद के पलों की एक डरावनी झलक देखने को मिली। मलबे के नीचे से रिकॉर्ड किए गए इस वीडियो में एक छात्र टूटे हुए कंक्रीट के बीच दिखाई दिया; उसका चेहरा और कपड़े सीमेंट और धूल से सने थे और उसके माथे के एक तरफ से खून बह रहा था।
#BREAKING: 🇮🇳 PG hostel caves in at Satya Niketan, Delhi, India
Officials say none confirmed dead yet but unconfirmed reports claim three dead, two girls and one boy, with several rescued and three critically hurt at AIIMS#Delhi #SatyaNiketan #BuildingCollapse pic.twitter.com/AZkxrt0YCp
— Twilight (@TwilightDewy) September 6, 2026
बताया जा रहा है कि यह वीडियो अत्मा राम सनातन धर्म (एआरएसडी) कॉलेज के छात्र समूह में साझा किया गया था। कॉलेज के छात्र वंश ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि फंसे हुए छात्रों में से एक बिहार के रहने वाले और एआरएसडी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्र आदित्य ने यह वीडियो रिकॉर्ड किया। छात्रों के अनुसार, वीडियो में दिखाए गए हिस्से में दो लोगों के फंसे होने की आशंका थी। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि इमारत गिरने के ठीक बाद "मुझे बचाओ, मुझे बचाओ" की चीखें और अन्य आवाजें सुनाई दीं। मौके पर मौजूद भाजपा विधायक अनिल शर्मा ने कहा, "हमें अंदर फंसे लोगों के फोन भी आ रहे हैं।"
सनी ढेडा ने बताया कि उसका दोस्त शांतनु, जो मोतीलाल नेहरू कॉलेज में शाम की कक्षा का छात्र है, इमारत गिरने के समय पीजी में सो रहा था। वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। ढेडा ने कहा, "मुझे करीब आधे घंटे पहले अपने दोस्त का फोन आया और मैं तुरंत यहां पहुंच गया।" उसने बताया कि शांतनु राजस्थान के चूरू का रहने वाला है और उसके परिवार के सदस्य वहां पहुंच चुके हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि अगर यह हादसा कामकाजी दिन हुआ होता तो नुकसान और अधिक हो सकता था, क्योंकि सप्ताहांत होने के कारण कई छात्र अपने घर लौट गए थे। उन्होंने कहा, "यहां बहुत कम लोग मौजूद थे"।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण 'बेसमेंट' में पानी जमा हो गया था, जिससे इमारत की नींव कमजोर हुई और वह ढह गई। दिल्ली में शुक्रवार से भारी बारिश के दौर जारी है। हादसे के बाद इलाके में मौजूद इमारतों की स्थिति और रखरखाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। इस क्षेत्र में कई मकानों को पीजी में बदल दिया गया है। इलाके में दो दशक से रह रही प्रियंका ने कहा, "मैंने यहां कभी कोई रखरखाव का काम होते नहीं देखा।" पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इमारत को 'हॉस्टल डेज' के नाम से जाना जाता था और इसका मालिक गुरुग्राम में रहता है। प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और सात-आठ टीम इमारत के मालिक की तलाश कर रही हैं। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा, "फिलहाल फंसे या घायल लोगों की सही संख्या का पता नहीं चल पाया है।"

