बकरा कटता देखा है... सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा में एक्शन मोड में प्रशासन, 3 गैर-मान्यता प्राप्त मदरसे सील
सूर्या हत्याकांड : गाजियाबाद के खोड़ा में तनावपूर्ण शांति, तीन मदरसे सील
Surya Murder Case : गाजियाबाद के खोड़ा इलाके में सत्यापन कार्य तेज करते हुए प्रशासन ने मंगलवार को तीन गैर-मान्यता प्राप्त मदरसों को सील कर दिया। यह कार्रवाई 17 वर्षीय सूर्या चौहान की हत्या कथित तौर पर उसके दोस्त असद और उसके साथियों द्वारा किये जाने के बाद की जा रही है। मामले का मुख्य आरोपी असद पुलिस के साथ एक मुठभेड़ में मारा जा चुका है। इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। कई दुकानें मंगलवार को बंद रहीं, जिनमें दोनों समुदायों के सदस्यों द्वारा संचालित प्रतिष्ठान भी शामिल थे। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाकर्मी तैनात किये गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक कार्यक्रम में इस घटना की चर्चा करते हुए कहा, ''दोस्ती की आड़ में किसी पर चाकू से हमला करना बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। जो लोग अपने निकम्मे बच्चों को सही राह दिखाने और अनुशासित करने में नाकाम रहते हैं, वे एक गंभीर गलती कर रहे हैं।''
इस बीच, जिला प्रशासन और पुलिस ने खोड़ा में तीन दिवसीय ''ऑपरेशन क्लीन स्वीप'' शुरू किया, जिसके तहत किरायेदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अनाधिकृत संपत्तियों और संदिग्ध आपराधिक तत्वों का सत्यापन किया जा रहा है। जिला प्रशासन के अनुसार, सूर्या की मां सरोज को खोड़ा नगर पालिका के स्वच्छता विभाग में 'स्वच्छता पर्यवेक्षक' के संविदा पद की पेशकश की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह नियुक्ति केवल उनके लिए ही सीमित नहीं है, परिवार की सहमति से, परिवार का कोई भी योग्य सदस्य यह नौकरी कर सकता है। नियुक्ति पत्र परिवार को सौंप दिया गया है और परिवार आपस में तय कर सकता है कि इस पद पर कौन कार्यभार संभालेगा। इस कदम का उद्देश्य परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इससे पहले जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने बताया कि इलाके में संचालित तीन मदरसों को सील कर दिया गया है, क्योंकि उनका संचालन बिना किसी मान्यता के किया जा रहा था। सत्यापन अभियान के दौरान तीन ऐसे मदरसों की पहचान की गई, जो मदरसा बोर्ड या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में पंजीकरण कराए बिना ही चलाए जा रहे थे। पुलिस और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों का विवरण जुटाया जाएगा और उनके दाखिले के लिए पास के सरकारी या अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में व्यवस्था की जाएगी। यह अभियान पुलिस, बेसिक शिक्षा विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है।

