Nasha Mukt Haryana Campaign: नशे के खिलाफ हरियाणा का नया एक्शन प्लान, टास्क फोर्स के साथ समाज को भी बनाया जाएगा भागीदार
Nasha Mukt Haryana Campaign: एनजीओ, केमिस्ट और सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए गांव-गांव तक चलेगा नशा विरोधी अभियान
Nasha Mukt Haryana Campaign: हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ अभियान की रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए इसे केवल पुलिस कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय समाज आधारित जन आंदोलन बनाने का फैसला किया है। राज्य में नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जबकि गांव, वार्ड और मोहल्ला स्तर तक जनजागरण अभियान चलाने में गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), केमिस्ट एसोसिएशनों और सामुदायिक पुलिसिंग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को पंचकूला में 'नशा मुक्त हरियाणा' विषय पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नशा बेचने वालों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे की मांग को भी समाप्त करना है। उन्होंने बताया कि अब तक नशे के कारोबार से जुड़े लोगों की करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है और कई अवैध निर्माण भी ध्वस्त किए गए हैं।
पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़कर सामाजिक भागीदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज और परिवारों को प्रभावित करने वाली चुनौती है। इसी कारण सरकार ने 'हरियाणा उदय' अभियान के तहत सामुदायिक पुलिसिंग को नशा विरोधी अभियान से जोड़ने का फैसला किया है। एनजीओ, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों, पुलिस और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से गांवों, वार्डों और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे से दूर रखा जा सके।
केमिस्टों को बनाया अभियान का अहम साझेदार
सरकार ने केमिस्ट एसोसिएशनों को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दवा विक्रेताओं की जिम्मेदारी केवल दवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। संदिग्ध दवाओं की बिक्री पर निगरानी रखने और समाज में जागरूकता फैलाने में भी उनकी सक्रिय भूमिका होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि केमिस्ट समाज इस सामाजिक दायित्व को पूरी गंभीरता से निभाएगा।
आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति जारी रहेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी जारी रहेगी। अब तक करीब 11 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति जब्त की जा चुकी है और अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर कार्रवाई की गई है। प्रस्तावित टास्क फोर्स का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नशा तस्करी के नेटवर्क पर और प्रभावी कार्रवाई करना होगा।
गांव से शहर तक चलेगा जनजागरण अभियान
अभियान के तहत प्रत्येक गांव, वार्ड और मोहल्ले में नशा विरोधी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सामाजिक संगठनों से युवाओं, अभिभावकों और स्थानीय समुदाय को जोड़ने की अपील की गई है। लक्ष्य यह है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी अभियान न रहकर सामाजिक आंदोलन का रूप ले।
युवाओं को केंद्र में रखकर बनेगी रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उन्हें नशे से दूर रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वयं नशे से दूर रहने, परिवार को नशे से बचाने और अपने गांव तथा शहर को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उनके अनुसार नशे के खिलाफ स्थायी सफलता तभी मिलेगी, जब समाज इस लड़ाई को अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे आए।

