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Haryana Winter Session:  स्कूल-कॉलेजों की जर्जर हालत पर विधानसभा के पहले ही दिन गरमा-गरमी

Haryana Winter Session: मातनहेल कॉलेज का होगा निरीक्षण, निर्माण कार्यों की होगी जांच

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ट्रिब्यून फोटो
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Haryana Winter Session:  हरियाणा में विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले ही दिन प्रदेश के स्कूलों एवं कॉलेजों में सुविधाओं के अभाव व कई जगहों पर जर्जर इमारतों के मुद्दे पर गरमा-गरमी देखने को मिली। विपक्ष के विधायकों के अलावा सत्तापक्ष के भी कई विधायकों ने शिक्षा के मुद्दे पर सरकार पर सवालों की बौछार की। पूर्व शिक्षा मंत्री व झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने नेहरू कॉलेज तथा मातनहेल के सरकारी कॉलेज का मुद्दा जोर-शोर से सदन में उठाया।

शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने सदन में स्वीकार किया कि नेहरू कॉलेज के छात्रावास की हालत सही नहीं है। सरकार की ओर से बजट भी मंजूर किया है। वहीं अधिकारियों की रिपोर्ट के दम पर उन्होंने मातनहेल कॉलेज के भवन को सही बताया। बृहस्पतिवार सुबह के ही दोनों कॉलेजों के फोटो लेकर पहुंची गीता भुक्कल ने दो-टूक कहा कि अधिकारियों ने सरकार को गुमराह किया है। मातनहेल कॉलेज की विजिलेंस जांच की मांग भी उन्होंने उठाई।

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विवाद अधिक बढ़ा तो मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि मातनहेल कॉलेज की बिल्डिंग के निर्माण के लिए तय मापदंडों के हिसाब से जांच की जाएगी। अगर निर्माण कार्यों में गड़बड़ी मिली तो संबंधित अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। इससे पहले शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने सदन में ऐलान किया कि शीतकालीन सत्र के बाद वे खुद झज्जर विधायक को साथ लेकर दोनांे कॉलेजों का निरीक्षण करेंगे।

ढांडा ने कहा कि निरीक्षण के दौरान जो कमियां मिलेंगी उन्हें तुरंत दूर करवाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट तौर पर कहा कि अगर किसी भी स्तर पर अधिकारियों की ओर से गलत रिपोर्ट दी गई होगी तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।

भुक्कल ने कहा कि नेहरू कॉलेज की शुरूआत पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 7 दिसंबर, 1958 को रखी थी। इसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 2 जुलाई, 1959 को खुद झज्जर आकर कॉलेज में पहली छात्रा का एडमिशन करवाया था।

इस दौरान उनकी सहकारिता मंत्री डॉक्टर अरविंद शर्मा के साथ भी तीखी बहस हुई। शिक्षा मंत्री के जवाब के बाद मोर्चा संभालते हुए अरविंद शर्मा ने कहा कि 2002 के बाद से कॉलेज की दयनीय हालत रही। वे खुद भी यहां के स्टूडेंट रहे हैं। उन्होंने कहा कि गीता भुक्कल ने कभी इसके लिए आवाज नहीं उठाई और अब सवाल उठा रही हैं। इस पर भड़की भुक्कल ने कहा – मैं अपने हलके के लोगों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हूं और हमेशा आवाज उठाती आई हूं। कांग्रेस सरकार के समय कॉलेज में हुए कार्यों को भी उन्होंने गिनवाया।

स्पेशल ऑडिट की मांग खारिज

स्कूलों एवं कॉलेजों के भवनों की जर्जर और सुविधाओं के अभाव का मुद्दा कई विधायकों की ओर से उठाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार से स्कूलों-कॉलेजों में उपलब्ध सुविधाओं का आडिट करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि बजट सत्र से पहले आडिट होना चाहिए ताकि बजट में सुविधाओं को पूरा करने के लिए फंड का प्रावधान भी किया जा सके। इससे पहले यह मांग मुलाना विधायक पूजा चौधरी ने भी रखी थी, लेकिन सरकार ने इसे स्वीकार नहीं किया।

चर्चा के लिए पूजा चौधरी को बुलाया

मुलाना विधायक पूजा चौधरी ने अंबाला जिले के स्कूलों में सुविधाओं व भवनों की जर्जर हालत का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने विस्तार से जिले के सभी स्कूलों की सुविधाओं का जवाब दिया। साथ ही, उन्होंने शुक्रवार को सुबह 9 बजे पूजा चौधरी को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान विभाग के आला अधिकारी भी मौजूद रहेंगे ताकि कमियों को तुरंत दूर करने का समाधान भी निकाला जा सके।

पूजा चौधरी ने बताया कि जिले के कुल 762 स्कूलों में से 257 में इंफ्रास्ट्रक्चर की कमियां मिली हैं। 52 सीनियर सैकेंडरी स्कूलों में 105 कमरों की कमी है। 11 स्कूलों में लाइब्रेरी नहीं है। कंप्यूटर लैब की कमी है। यहां तक की पीने का पानी और शौचालय तक का प्रबंध कई स्कूलों में नहीं है। पिछले दिनों राज्यपाल ने भी स्कूल का दौरा किया तो कमियां मिली और उन्होंने अपने कोटे से शौचालय निर्माण व पेयजल का प्रबंध करने का बजट मंजूर किया।

रेवाड़ी स्कूल को मिला बजट

भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव के सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने बताया कि काकोरिया के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में 5 लैब, 6 अतिरिक्त कमरों के निर्माण, 3 कमरों की मरम्मत तथा इंटरलॉकिंग टाइल्स बिछाने के लिए 78 लाख 12 हजार रुपये मंजूर किए जा चुके हैं। इसी तरह रेवाड़ी के ततारपुर के स्कूल के लिए 3 करोड़ 17 लाख रुपये जारी किए थे। ठेकेदार ने 40 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद कार्य रोक दिया। 8 नवंबर, 2024 को अंतिम नोटिस जारी करने के बाद भी अभी तक काम शुरू नहीं हुआ है। ढांडा ने कहा कि चल रहे लागत मूल्यांकन के बाद जनवरी-2026 में नये सिरे से टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।

सेंट्रल स्कूल के लिए तलाश रहे जमीन

फतेहाबाद विधायक बलवान सिंह दाैलतपुरिया ने कहा कि बडोपल गांव का केंद्रीय विद्यालय 2016 से ही निजी भवन में चल रहा है। उन्होंने स्कूल के खुद के भवन निर्माण का मुद्दा उठाया। शिक्षा मंत्री महिपाल सिंह ढांडा ने दौलतपुरिया के आरोपों को खारित करते हुए बताया कि यह स्कूल चिंदड मोड़, बडोपल की प्राथमिक पाठशाला में चल रहा है। केंद्रीय विद्यालय की बिल्डिंग निर्माण के लिए भूमि चयन प्रक्रिया चल रही है। जमीन मिलते ही सरकार भवन का निर्माण कराएगी।

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