Haryana Winter Session: छुछकवास बाईपास के लिए जमीन अधिग्रहण करेगी सरकार
Haryana Winter Session: झज्जर से दादरी-लोहारू तक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर को केंद्र ने दी मंजूरी
Haryana Winter Session: झज्जर जिला के छुछकवास बाईपास का मुद्दा शुक्रवार को विधानसभा में एक बार फिर जोरशोर से उठा। झज्जर से छुछकवास तक की सड़क पर भारी ट्रक-ट्रालों की आवाजाही ने इस मार्ग को हादसों का हॉटस्पॉट बना दिया है। इसी को लेकर झज्जर विधायक गीता भुक्कल ने सदन में सरकार को घेरा और बीते दो महीनों में हुए हादसों व उनमें गई जानों का सिलसिलेवार जिक्र किया।
उनका कहना था कि बाईपास न बनने की कीमत आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं। पीडब्ल्यूडी (भवन एवं सड़कें) मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने सदन को बताया कि छुछकवास बाईपास के निर्माण के लिए करीब 27 एकड़ भूमि की जरूरत है। सरकार ई-भूमि पोर्टल के जरिए करीब 21 एकड़ (लगभग 78 प्रतिशत) जमीन खरीद चुकी है। शेष जमीन के लिए परियोजना भूमि समेकन (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2017 के तहत भूमि अधिग्रहण की मंजूरी दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि जमीन मिलते ही बाईपास निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा गीता भुक्कल ने कहा कि झज्जर-छुछकवास मार्ग पर औद्योगिकीकरण के कारण भारी ट्रैफिक लगातार बढ़ रहा है। संकरी सड़क, ट्रकों की कतारें और जाम ये सब मिलकर दुर्घटनाओं की वजह बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाईपास केवल विकास परियोजना नहीं, बल्कि जन-जीवन की सुरक्षा से जुड़ा सवाल है।
ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का बड़ा खुलासा
बहस के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने एक अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने झज्जर से छुछकवास, दादरी होते हुए लोहारू तक नया ग्रीन फील्ड कॉरिडोर मंजूर कर दिया है। खास बात यह है कि इस कॉरिडोर में छुछकवास बाईपास को भी शामिल किया गया है। इससे क्षेत्र को न केवल ट्रैफिक राहत मिलेगी, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी। यहां बता दंे कि झज्जर से मेरठ तक पहले ही फोर लेन सड़क बनी हुई है। इसी को आगे बढ़ाते हुए अब लोहारू से आगे पिलानी (राजस्थान) तक कनेक्ट किया जाएगा।
सीएम का तंज, ‘धन्यवाद भी नहीं’
मामला बार-बार उठने पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं मोर्चे पर आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार काम करने वाली सरकार है, जिस पर लोग विश्वास करते हैं और नॉन-स्टॉप विश्वास कर रहे हैं। पिछले 11 सालों में सड़क नेटवर्क को जो मजबूती मिली है, उससे कहीं न कहीं विपक्ष को दिक्कत हो रही है। नायब सिंह सैनी ने कहा कि विपक्ष के सदस्यों द्वारा हर बार पोस्टर लेकर आना, अखबार दिखाना, इससे हमें कोई दिक्कत नहीं है। राज्य सरकार काम करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने सड़कों के सुदृढ़ीकरण के बारे में नहीं सोचा, जबकि पिछले 11 सालों में सड़क नेटवर्क को जो मजबूती मिली है, इसी से तो इन्हें दिक्कत आ रही है। उन्होंने कहा कि झज्जर-छुछकवास तक ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे निकल रहा है, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने सरकार का शुक्रिया तक नहीं किया। कम से कम इन्हें सड़कों के सुधारीकरण के लिए शुक्रिया तो अदा करना चाहिए।

