Haryana Winter Session: कांग्रेस ने मांगी मान सरकार की तर्ज पर रेत नीति, मुस्कुराते रहे मुख्यमंत्री
Haryana Winter Session: बाढ़ की वजह से किसानों के खेतों में जमा रेत को उठाने के अधिकार देने का मामला
Haryana Winter Session: पंजाब में आई बाढ़ के बाद किसानों के खेतों में हुए नुकसान और खेतों में बहकर इकट्ठा हुए रेत को उठाने के लिए मान सरकार द्वारा बनाई गई ‘जिसका खेत, उसका रेत’ पॉलिसी को हरियाणा में लागू करने की मांग कांग्रेस ने उठाई। प्रश्नकाल के दौरान शाहबाद विधायक रामकरण काला ने यह मुद्दा उठाया था। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब सरकार की तर्ज पर हरियाणा में नीति बनाने की मांग उठाई।
सीधे सीएम नायब सिंह सैनी से ही सवाल करते हुए हुड्डा ने कहा - मुख्यमंत्री जी हां या ना में जवाब दें। मुख्यमंत्री मंद-मंद मुस्कुराते रहे लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया। खनन एवं भूविज्ञान मंत्री कृष्ण लाल पंवार की गैर-मौज्ूदगी में उनकी ओर से जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि गांव काकरा और मलिकपुर से दो किसानों से रेत उठाने के प्रस्ताव दिए थे।
डीसी कुरुक्षेत्र की ओर से ये प्रस्ताव जिला खनन अधिकारी को भेजे गए। खनन अधिकारी ने इन प्रस्तावों को इसलिए रद्द कर दिया क्योंकि संबंधित भूमि नदी तल क्षेत्र में आती है और राज्य खनन नियम-2012 में इसके निपटान के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती। पूर्व स्पीकर व थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने भी यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार को नीति में बदलाव करके किसानों को राहत देनी चाहिए।
बेदी ने कहा कि इसके लिए पैरा-मीटर तय किए गए हैं। बाढ़ के साथ आया रेता अगर खेत में 1 से 3 इंच तक इकट्ठा होता है तो सरकार किसानों को आवेदन करने के बाद 7 दिन में मिट्टी उठाने की अनुमति देती है लेकिन इसके बाद मुआवजा नहीं दिया जाएगा। 3 इंच से 2 फुट तक रेता अगर खेत में जमा होता है तो उसे उठाने के लिए किसानों को पंद्रह दिन का समय दिया जाता है। इसमें शर्त यह है कि इससे होने वाली कमाई का 40 प्रतिशत हिस्सा ग्राम पंचायत को देना होगा। किसान को मुआवजा भी नहीं दिया जाएगा।
कुरैशी जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल करेगा हरियाणा
हरियाणा सरकार ने कुरैशी जाति को भी पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का निर्णय लिया है। हालांकि यह निर्णय अभी तक इसलिए लागू नहीं हो पाया है क्योंकि इससे जुड़ा प्रस्ताव हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के पास विचाराधीन है। फिरोजपुर-झिरका से कांग्रेस विधायक मामन खान इंजीनियर ने यह मुद्दा सदन में उठाया। सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अनुसूचित जातियां एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सरकार ने कुरैशी जाति को पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का निर्णय लिया हुआ है। यहां बता दें कि कुरैशी (कसाई) जाति मुस्लिम अल्पसंख्यक से जुड़ी है।
30 हजार की फीस के साथ बूथों के लाइसेंस होंगे रिन्यू
नीलोखेड़ी (करनाल) से भाजपा विधायक भगवान सिंह कबीरपंथी ने प्रदेश की अनाज मंडियों में स्थित छाेटे बूथों को मंडियों में पहले से मौजूद नियमित दुकानों की तर्ज पर नियमित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार को नीति बनानी चाहिए। कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने बताया कि मंडियों में सभी छोटे बूथ पहले से ही सभी दुकानों की तरह नियमित हैं। उन्होंने कहा कि जिन बूथों के लाइसेंस 2012 से 2016 के बीच जारी किए गए थे, उन्हें अब मौजूदा नीति के तहत लाइसेंस रिन्यू करवाने होंगे। इसके लिए सरकार ने 30 हजार रुपये की फीस तय की हुई है। बूथों के लाइसेंस रिन्यू के लिए संबंधित कब्जाधारी 31 मार्च, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

