GST ग्रोथ में हरियाणा का ‘सिक्सर’, पूरे देश में नंबर-1 बना प्रदेश, राष्ट्रीय औसत से चार गुना तेज दौड़ा टैक्स कलेक्शन
Haryana GST Growth: मई में 807 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व; फर्जी बिलिंग पर कसा शिकंजा
Haryana GST Growth: देश की अर्थव्यवस्था में सुस्ती और कई राज्यों में सीमित राजस्व वृद्धि के बीच हरियाणा ने कर संग्रह के मोर्चे पर ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। राज्य माल एवं सेवा कर (एसजीएसटी) संग्रह की वृद्धि दर में हरियाणा मई 2026 में देश का नंबर-1 राज्य बनकर उभरा है।
सबसे खास बात यह है कि जहां इस अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर केवल 6 प्रतिशत रही, वहीं हरियाणा ने 22 प्रतिशत की दमदार छलांग लगाकर देशभर में शीर्ष स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि किसी एक महीने की नहीं, बल्कि राज्य की मजबूत आर्थिक सेहत, बढ़ती कारोबारी गतिविधियों और कर प्रशासन की प्रभावी रणनीति का नतीजा मानी जा रही है।
लगातार दूसरे वर्ष हरियाणा ने एसजीएसटी ग्रोथ के मामले में सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए अपनी बादशाहत कायम रखी है। आबकारी एवं कराधान विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में हरियाणा का शुद्ध एसजीएसटी संग्रह 4,456 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने यह आंकड़ा 3,649 करोड़ रुपये था। यानी सिर्फ एक साल में राज्य के खजाने में 807 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी दर्ज हुई है।
देशभर में सबसे आगे हरियाणा
एसजीएसटी वृद्धि दर की राष्ट्रीय रैंकिंग में हरियाणा 22 प्रतिशत वृद्धि के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद मेघालय 19 प्रतिशत, कर्नाटक 17 प्रतिशत और गुजरात 16 प्रतिशत वृद्धि दर के साथ क्रमशः दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर रहे। कर विशेषज्ञों का मानना है कि किसी राज्य का जीएसटी संग्रह उसकी आर्थिक गतिविधियों, व्यापारिक विस्तार और कर अनुपालन की स्थिति का सबसे बड़ा संकेतक माना जाता है। ऐसे में हरियाणा का शीर्ष स्थान हासिल करना राज्य की मजबूत आर्थिक प्रगति को दर्शाता है।
दो महीनों में भी नंबर-1 प्रदर्शन
हरियाणा की यह सफलता केवल मई महीने तक सीमित नहीं है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले दो महीनों में भी राज्य ने एसजीएसटी राजस्व वृद्धि के मामले में पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया है। अप्रैल और मई को मिलाकर राज्य ने 40 प्रतिशत की संचयी वृद्धि दर्ज की है, जबकि राष्ट्रीय औसत 23 प्रतिशत रहा। यानी हरियाणा ने देश की औसत वृद्धि दर से लगभग दोगुना बेहतर प्रदर्शन किया है।
लगातार दूसरे साल कायम है दबदबा
हरियाणा का यह प्रदर्शन कोई संयोग नहीं माना जा रहा। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी राज्य ने एसजीएसटी संग्रह में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था, जबकि उस समय भी राष्ट्रीय औसत केवल 6 प्रतिशत था। लगातार दो वर्षों तक शीर्ष स्थान बनाए रखना इस बात का संकेत है कि राज्य की राजस्व नीति और प्रशासनिक रणनीति स्थायी रूप से प्रभावी साबित हो रही है।
फर्जी कारोबारियों पर सख्ती का असर
राज्य सरकार और आबकारी एवं कराधान विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में कर चोरी और फर्जी बिलिंग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया है। डेटा एनालिटिक्स आधारित निगरानी, संदिग्ध लेन-देन की पहचान, फर्जी करदाताओं के खिलाफ कार्रवाई और कम्प्लायंस बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों का सीधा असर राजस्व संग्रह पर दिखाई दे रहा है। विभाग का मानना है कि राजस्व रिसाव रोकने और कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अपनाई गई तकनीक आधारित प्रणाली ने संग्रह बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
करदाताओं के लिए भी बढ़ी सहूलियत
राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ सरकार करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को सरल और सुविधाजनक बनाने पर भी फोकस कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की बजट घोषणा के अनुरूप अब शो कॉज नोटिस और संक्षिप्त आदेश केवल पोर्टल पर ही नहीं, बल्कि पंजीकृत डाक और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजे जा रहे हैं। इस कदम से करदाताओं को समय पर सूचना मिलने, पारदर्शिता बढ़ने और विभाग तथा कारोबारियों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होने की उम्मीद है।
मजबूत अर्थव्यवस्था का संकेत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कहना है कि जीएसटी संग्रह में लगातार रिकॉर्ड वृद्धि यह संकेत देती है कि हरियाणा में औद्योगिक गतिविधियां, व्यापार और निवेश का माहौल मजबूत बना हुआ है। राष्ट्रीय औसत से कई गुना बेहतर प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया है कि राजस्व संग्रह और आर्थिक प्रबंधन के मामले में हरियाणा इस समय देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। 22 प्रतिशत की मासिक वृद्धि, 40 प्रतिशत की दो-महीने की छलांग और लगातार दूसरा राष्ट्रीय शीर्ष स्थान वाले आंकड़े साफ बताते हैं कि कर संग्रह के मैदान में हरियाणा फिलहाल देश का सबसे तेज धावक बन चुका है।

