Haryana Politics : हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक सर्जरी की शुरुआत, नए प्रभारी ने संभाली कमान; दो दिन तक नेताओं से वन-टू-वन मंथन
दिल्ली से शुरू होगी नई कार्ययोजना, मंगल-बुध को होंगी मैराथन बैठकें
हरियाणा कांग्रेस में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक फेरबदल और गुटीय समीकरणों को साधने की कवायद अब तेज होने जा रही है। पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी संजय सतीशचंद्र दत्त ने औपचारिक रूप से हरियाणा का कामकाज संभाल लिया है। इसके साथ ही संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
नई दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने लगातार दो दिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर हरियाणा की राजनीतिक और संगठनात्मक स्थिति पर विस्तृत चर्चा की तथा आगामी रणनीति को लेकर दिशा-निर्देश प्राप्त किए। अब मंगलवार और बुधवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में संजय दत्त हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों को प्रदेश संगठन के पुनर्गठन की दिशा में पहला बड़ा कदम माना जा रहा है।
गुटों के बीच तालमेल पहली प्राथमिकता
नए प्रभारी की प्राथमिकता संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ विभिन्न गुटों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना होगी। हरियाणा कांग्रेस लंबे समय से कई प्रभावशाली नेताओं के अलग-अलग राजनीतिक प्रभाव क्षेत्रों में बंटी रही है। ऐसे में नए प्रभारी के सामने सभी वरिष्ठ नेताओं को एक मंच पर लाकर संगठन को चुनावी मोड में तैयार करने की चुनौती होगी।
नियुक्तियों से लेकर ब्लॉक संगठन तक होगी समीक्षा
दिल्ली में होने वाली बैठकों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी में लंबित नियुक्तियों, जिला एवं ब्लॉक स्तर पर संगठन के पुनर्गठन, संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान और विभिन्न राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर चर्चा होगी। पार्टी के विशेष अभियान और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर भी नेताओं से सुझाव लिए जाएंगे।
वरिष्ठ नेतृत्व से सीधे संवाद की रणनीति
संजय दत्त हरियाणा के प्रमुख नेताओं - पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह, कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा, पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह और पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव सहित अन्य नेताओं से संगठनात्मक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
दिल्ली के बाद चंडीगढ़ में होगी बड़ी बैठक
सूत्रों के अनुसार दिल्ली में दो दिन तक चलने वाले मंथन के बाद प्रदेश कांग्रेस की विस्तृत बैठक चंडीगढ़ में बुलाए जाने की तैयारी है। इस बैठक में संगठन के पुनर्गठन, राजनीतिक कार्यक्रमों और भविष्य की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
'तटस्थ छवि' को माना जा रहा बड़ा आधार
महाराष्ट्र कांग्रेस से आने वाले संजय सतीशचंद्र दत्त लंबे समय से संगठनात्मक जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में सचिव के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में सह-प्रभारी रहने का अनुभव उनके पास है। हरियाणा की किसी भी स्थानीय गुटबाजी से सीधे तौर पर जुड़े नहीं होने को पार्टी के भीतर उनकी सबसे बड़ी संगठनात्मक ताकत माना जा रहा है। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

