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HSIIDC E-Auction: हरियाणा ने उद्योगों के लिए खोले नए दरवाजे, 11 औद्योगिक एस्टेट में ई-ऑक्शन से होंगे प्लॉट आवंटन

HSIIDC E-Auction: मानेसर, खरखौदा, कुंडली, फरीदाबाद और पंचकूला समेत बड़े औद्योगिक केंद्र शामिल

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सांकेतिक फोटो। iStock
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HSIIDC E-Auction: हरियाणा ने औद्योगिक निवेश और विनिर्माण गतिविधियों को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में प्लॉट आवंटन की नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने 11 औद्योगिक एस्टेट में औद्योगिक प्लॉटों की ई-ऑक्शन की घोषणा की है।

इस प्रक्रिया के जरिए राज्य एक साथ कई विकसित और उभरते औद्योगिक क्लस्टरों में जमीन उपलब्ध कराएगा, जिससे निवेश, रोजगार और औद्योगिक विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। इस बार की प्रक्रिया को केवल जमीन आवंटन तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे राज्य की औद्योगिक रणनीति के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है। खास बात यह है कि छोटे, मध्यम और बड़े यानी तीनों तरह के निवेशकों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग आकार के प्लॉट बाजार में लाए गए हैं।

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एक साथ कई औद्योगिक बेल्ट पर दांव

ई-ऑक्शन में जिन औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है उनमें अंबाला का आईजीसी साहा फेज-2, सोनीपत का आईएमटी खरखौदा, आईई कुंडली और आईई राय, सिरसा का आईआईडीसी, जींद का आईई नरवाना, फरीदाबाद का आईएमटी, गुरुग्राम का आईएमटी मानेसर फेज-5 और पंचकूला एक्सटेंशन-2 शामिल हैं। पंचकूला एक्सटेंशन-2 में सामान्य औद्योगिक प्लॉटों के अलावा फार्मा पार्क और आईटी गतिविधियों के लिए भी अलग श्रेणी के प्लॉट रखे गए हैं। इससे संकेत मिलता है कि राज्य अब पारंपरिक विनिर्माण के साथ सेक्टर-विशेष निवेश को भी बढ़ावा देना चाहता है।

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छोटे उद्योग से बड़े निवेश तक के लिए विकल्प

इस ई-नीलामी की एक प्रमुख विशेषता प्लॉट आकारों की विविधता है। सबसे छोटे प्लॉट 250 वर्गमीटर से शुरू होंगे जबकि कुछ क्षेत्रों में 16 हजार वर्गमीटर तक के बड़े औद्योगिक प्लॉट उपलब्ध होंगे। इसका मतलब है कि नई यूनिट लगाने वाले छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े विनिर्माण समूहों तक सभी को अपनी जरूरत के अनुरूप जमीन चुनने का अवसर मिलेगा। औद्योगिक क्षेत्रों के हिसाब से प्लॉट आकार और आरक्षित मूल्य तय किए गए हैं।

मानेसर सबसे महंगा, साहा और नरवाना अपेक्षाकृत सस्ते

आरक्षित कीमतों में भी क्षेत्रवार अंतर दिखाई देता है। सबसे ऊंचा आरक्षित मूल्य गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर फेज-5 में 68,800 रुपये प्रति वर्गमीटर रखा गया है। इसके बाद सोनीपत के कुंडली और फरीदाबाद जैसे क्षेत्र आते हैं। दूसरी ओर अंबाला के साहा और जींद के नरवाना जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में दरें अपेक्षाकृत कम रखी गई हैं, जिससे नए निवेशकों और लागत-संवेदनशील उद्योगों को आकर्षित करने की रणनीति दिखाई देती है। पंचकूला एक्सटेंशन-2, फार्मा पार्क और आईटी श्रेणी के प्लॉटों के लिए समान आरक्षित मूल्य तय किया गया है।

22 जून तक आवेदन, जुलाई से शुरू होगी नीलामी

एचएसआईआईडीसी के कार्यक्रम के अनुसार रजिस्ट्रेशन और ईएमडी जमा करने की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है और यह 22 जून रात 11:59 बजे तक चलेगी। इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह से ई-ऑक्शन शुरू करने की योजना है। प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है ताकि निवेशकों को आवेदन और बोली प्रक्रिया में सुविधा मिल सके। ई-ऑक्शन सामान्य श्रेणी के तहत आयोजित होगी और पात्र आवेदकों के लिए कोई आरक्षण या प्राथमिकता लागू नहीं होगी।

जल्दी भुगतान करने वालों के लिए अलग प्रोत्साहन

निगम ने भुगतान व्यवस्था में भी प्रोत्साहन मॉडल अपनाया है। नियमित आवंटन पत्र जारी होने के 45 दिन के भीतर प्लॉट लागत का पूरा भुगतान करने पर 10 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। इसके बाद 90 दिन में भुगतान करने पर 5 प्रतिशत, 120 दिन में 3 प्रतिशत और 150 दिन में 1.5 प्रतिशत रियायत दी जाएगी। निर्धारित अवधि के बाद एकमुश्त भुगतान पर कोई छूट नहीं मिलेगी। इसके अतिरिक्त औद्योगिक प्लॉटों में अनुसूचित जाति श्रेणी के आवंटियों के लिए 20 प्रतिशत तक रियायत का भी प्रावधान रखा गया है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होने पर ही मिलेगा कब्जा

एचएसआईआईडीसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्लॉटों का भौतिक कब्जा वहां दिया जाएगा जहां आधारभूत सुविधाएं पूरी हो चुकी हों। जिन क्षेत्रों में अभी न्यूनतम ढांचा तैयार होना बाकी है, वहां आवंटन तो किया जाएगा लेकिन तत्काल कब्जा नहीं दिया जाएगा। निगम ने निवेशकों को आवेदन से पहले संबंधित एस्टेट प्रबंधन कार्यालय से बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

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