Haryana News: हर पात्र परिवार तक पहुंचेगी छत, फर्जी लाभार्थियों पर होगी कार्रवाई
नायब सरकार का लक्ष्य : जो छूट गए उन्हें मिलेगा घर, अपात्र को मिला लाभ तो जवाबदेही तय
Haryana News: हरियाणा की नायब सरकार ने साफ कहा है कि अब आवास योजनाओं का अगला चरण केवल नए घर देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी सहायता सही लोगों तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में अब तक आवास योजनाओं से बाहर रह गए सभी पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें घर उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। हरियाणा विजन-2047 के तहत हाउसिंग फोर ऑल विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति के सिर पर अपनी छत होना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी सोच के साथ केंद्र व राज्य सरकार मिशन मोड में काम कर रही हैं।
घर से वंचित परिवारों की होगी पहचान
सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन परिवारों को अब तक किसी कारण से आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया, उन्हें चिन्हित किया जाए और उनके लिए अलग रणनीति बनाई जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि विभाग प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी और ग्रामीण), मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना, मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना 2.0 और लाइसेंसी कॉलोनियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आवास वितरण जैसी योजनाओं के माध्यम से आगे की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य अब केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं बल्कि वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंच बनाना है।
2.31 लाख परिवारों तक पहुंची मदद, हजारों मकान-प्लॉट अभी तैयार
समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न आवास योजनाओं के तहत अब तक प्रदेश के 2.31 लाख से अधिक परिवारों को घर उपलब्ध करवाने के लिए लगभग 2375 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। इसके अलावा 10 हजार से ज्यादा प्लॉट और फ्लैट ऐसे हैं जो आवंटन के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इनका लाभ जल्द से जल्द पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाए ताकि तैयार संसाधन लंबे समय तक खाली न रहें।
गांव में लगेगी सूची, लोग भी करेंगे जांच
सरकार ने इस बार पारदर्शिता पर भी विशेष जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवास योजनाओं के लाभार्थियों की सूची ग्राम पंचायत स्तर पर सार्वजनिक की जाए ताकि स्थानीय स्तर पर भी यह सत्यापित हो सके कि लाभ पाने वाले परिवार वास्तव में पात्र थे या नहीं। सरकार का मानना है कि इससे योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत तरीके से लाभ लेने वालों की पहचान आसान होगी।
अपात्र को मिला लाभ तो अधिकारी भी नहीं बचेंगे
बैठक का सबसे सख्त संदेश यही रहा कि यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिया गया है तो केवल लाभ वापस लेने तक मामला सीमित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घुमंतु और कमजोर परिवारों के लिए राहत की तैयारी
सरकार ने उन घुमंतु और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भी फोकस करने के संकेत दिए हैं जो कई बार औपचारिक प्रक्रियाओं के कारण योजनाओं से बाहर रह जाते हैं। मुख्यमंत्री ने ऐसे जरूरतमंद परिवारों को राहत देने के लिए पंजीकरण शुल्क में रियायत देने की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।
