Haryana News: मंत्रियों की बदली ‘जिला ड्यूटी’, अब नए जिलों में संभालेंगे ग्रीवेंस कमेटियों की कमान
Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर सभी मंत्रियों को फिर से बांटी जिम्मेदारियां, कई जिलों में बदले गए चेयरमैन, जनता की शिकायतों पर होगी सीधी मॉनिटरिंग
Haryana News: हरियाणा सरकार ने जिला जन संपर्क एवं कष्ट निवारण समितियों को लेकर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों को नए सिरे से जिलों का आवंटन किया गया है। इस बदलाव में कई मंत्रियों के पुराने जिले बदल दिए गए हैं, जबकि कुछ को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
प्रदेश में जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समितियां लंबे समय से सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद का प्रमुख माध्यम रही हैं। इन समितियों की बैठकों में मंत्री जिलों में पहुंचकर आम लोगों की शिकायतें सुनते हैं और अधिकारियों को मौके पर समाधान के निर्देश देते हैं। अब सरकार ने प्रशासनिक संतुलन और बेहतर निगरानी को ध्यान में रखते हुए जिलों का नया बंटवारा किया है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के कार्यालय द्वारा शुक्रवार को जारी परिपत्र के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को गुरुग्राम और सिरसा जिलों की जिला जन संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की अध्यक्षता सौंपी गई है। राजनीतिक रूप से अहम माने जाने वाले इन दोनों जिलों पर मुख्यमंत्री की सीधी निगरानी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक जानकार इस बदलाव को सिर्फ औपचारिक प्रक्रिया नहीं मान रहे। उनका कहना है कि जिलों के नए आवंटन के जरिए सरकार क्षेत्रीय संतुलन, प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक सक्रियता को भी साधने की कोशिश करती है। सरकार अब जिलों में अपनी सीधी मॉनिटरिंग को और मजबूत करना चाहती है। ऐसे में ग्रीवेंस कमेटियों के जरिए मंत्रियों की सक्रियता आने वाले समय में और बढ़ती दिखाई दे सकती है।
कई मंत्रियों को मिले नए जिले
ऊर्जा मंत्री अनिल विज अब यमुनानगर जिले की समिति की अध्यक्षता करेंगे। विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार को पंचकूला और कुरुक्षेत्र जिलों की जिम्मेदारी दी गई है। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह को रेवाड़ी और हांसी जिले आवंटित किए गए हैं। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा पलवल और सोनीपत जिलों में जन शिकायतों की सुनवाई करेंगे। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल को नूंह और महेंद्रगढ़ जिलों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा हिसार और चरखी दादरी जिलों की समितियों की अध्यक्षता करेंगे।
राणा को करनाल और गंगवा को झज्जर का जिम्मा
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा को करनाल और कैथल जिले सौंपे गए हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा अब पानीपत और झज्जर जिलों की ग्रीवेंस कमेटियों का नेतृत्व करेंगे। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी को अंबाला और फतेहाबाद जिले दिए गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी रोहतक जिले की समिति की अध्यक्षता करेंगी। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव को फरीदाबाद जिले की जिम्मेदारी मिली है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राज्य मंत्री राजेश नागर भिवानी जिले की ग्रीवेंस कमेटी के चेयरमैन होंगे, जबकि खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम जींद जिले की समिति की अध्यक्षता करेंगे।
क्या होता है इन समितियों का काम
जिला जनसंपर्क एवं कष्ट निवारण समितियां राज्य सरकार की महत्वपूर्ण व्यवस्था मानी जाती हैं। इन बैठकों में बिजली, पानी, सड़क, राजस्व, पुलिस, पेंशन, राशन, नगर निकाय और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतों पर सुनवाई होती है। मंत्री संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में मामलों की समीक्षा करते हैं और मौके पर समाधान के निर्देश जारी करते हैं। सरकार का मानना है कि जिलों में समय-समय पर जिम्मेदारियों में बदलाव से प्रशासनिक निगरानी मजबूत होती है और नए दृष्टिकोण के साथ शिकायत निवारण प्रक्रिया को गति मिलती है।

