निहंग विवाद में हरियाणा सरकार की मध्यस्थता सफल, CM सैनी के हस्तक्षेप से निकला समाधान; चारों निहंगों को मिली जमानत
CM नायब सिंह सैनी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से की बातचीत
उत्तराखंड में चार निहंगों की गिरफ्तारी के बाद पैदा हुआ विवाद शनिवार को हरियाणा सरकार की मध्यस्थता से सुलझ गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पहल पर उत्तराखंड सरकार, प्रशासन और निहंग जत्थेबंदियों के बीच संवाद स्थापित हुआ। कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी, जिसके बाद चारों गिरफ्तार निहंगों को अदालत से जमानत मिल गई।
उनके शनिवार रात तक श्री नाडा साहिब गुरुद्वारा पहुंचने की संभावना है। विवाद उस समय गंभीर हो गया था, जब चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थानीय लोगों के साथ विवाद के बाद चार निहंगों की गिरफ्तारी हुई। इसके विरोध में बड़ी संख्या में निहंग जत्थेबंदियां हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब में एकत्र हो गईं। उन्होंने साथियों की रिहाई तक वहीं डटे रहने और जरूरत पड़ने पर उत्तराखंड की ओर कूच करने के संकेत दिए थे।
चंडीगढ़ से शुरू हुई समाधान की कवायद
इससे उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश दोनों राज्यों के प्रशासन की चिंता बढ़ गई थी। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सबसे पहले निहंग जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों को चंडीगढ़ बुलाकर उनकी आपत्तियां और मांगें सुनीं। उन्होंने शांतिपूर्ण समाधान का भरोसा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत कर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा की और मामले को आपसी संवाद से सुलझाने का आग्रह किया। इस दौरान सीएम के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी भी मौजूद रहे।
पांवटा साहिब में तरुण भंडारी ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी को तत्काल पांवटा साहिब भेजा। उन्होंने वहां प्रशासनिक अधिकारियों और निहंग जत्थेबंदियों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार कई दौर की बातचीत की। वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच संवाद कायम रखा गया और ऐसा रास्ता निकाला गया, जिससे कानून-व्यवस्था भी प्रभावित न हो तथा निहंगों की प्रमुख मांगों पर भी सहमति बन सके।
तनाव बढ़ने की आशंका थी
सूत्रों के अनुसार इसी संवाद के बाद स्थिति सामान्य होने लगी। सहमति बनने पर निहंग जत्थेबंदियों ने विरोध समाप्त करने पर हामी भर दी और चारों गिरफ्तार निहंगों को अदालत से जमानत मिल गई। अधिकारियों का मानना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकलता तो मामला उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब तक कानून-व्यवस्था की चुनौती बन सकता था।
बड़ी संख्या में निहंगों के पांवटा साहिब में जुटने और उत्तराखंड की ओर कूच की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर था। हरियाणा सरकार की पहल के बाद बने समाधान से संभावित टकराव टल गया और अब संबंधित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने लगी है।

