Haryana Rajya Sabha Election : क्रॉस वोटिंग का ‘पांचवां चेहरा’ बेनकाब, रतिया के जरनैल सिंह को नोटिस
शैली चौधरी, रेणु बाला, मोहम्मद इलियास व मोहम्मद इसराइल को पहले मिल चुके नोटिस
हरियाणा राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में जारी अंदरूनी हलचल अब और तेज हो गई है। लंबे सस्पेंस के बाद आखिरकार पांचवें विधायक का नाम सामने आ गया है। कांग्रेस की अनुशासनात्म कार्यवाही समिति के चेयरमैन धर्मपाल सिंह मलिक ने शुक्रवार को फतेहाबाद जिला की रतिया (आरक्षित) सीट से विधायक जरनैल सिंह को नोटिस भेज कर 7 दिन में जवाब तलब किया है।
सूत्रों के अनुसार, जरनैल सिंह के नाम को लेकर पार्टी में काफी देर तक असमंजस बना रहा। लेकिन बढ़ते अंदरूनी असंतोष और सवालों के बीच गुरुवार देर रात फैसला हुआ कि उन्हें भी नोटिस भेजा जाए। इससे पहले चार विधायकों – नारायणगढ़ से शैली चौधरी, सढ़ौरा रेणु बाला, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से मोहम्मद इजराइल को नोटिस दिए जा चुके थे।
यहां बता दें कि जनरैल सिंह की गिनती पूर्व सीएम व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नजदीकियों में होती है। इसी तरह मोहम्मद इसराइल और मोहम्मद इलियास भी हुड्डा खेम के नेताओं में गिने जाते हैं। वहीं शैली चौधरी व रेणु बाला पूर्व केंद्रीय मंत्री व सिरसा सांसद कुमारी सैलजा के नजदीकी हैं। दोनों को सैलजा कोटे से ही टिकट भी मिला था। पहले चार नाम तेजी से सार्वजनिक हुए, लेकिन पांचवें पर चुप्पी ने पार्टी के भीतर ही सवाल भी खड़े कर दिए थे। अब नोटिस जारी होने से यह संदेश देने की कोशिश है कि कार्रवाई में कोई भेदभाव नहीं होगा।
बाड़ाबंदी भी नहीं रोक पाई ‘संपर्क’
राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों को हिमाचल में ‘बाड़ाबंदी’ में रखा था, ताकि किसी तरह की क्रॉस वोटिंग न हो। जरनैल सिंह भी इसी समूह का हिस्सा थे। लेकिन सूत्र बताते हैं कि बावजूद इसके, भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने कुछ विधायकों से संपर्क साध लिया था। यहीं से पूरी सियासत ने नया मोड़ लिया।
जरनैल का जवाब, ‘मैं वफादार सिपाही’
नोटिस सामने आते ही रतिया विधायक जरनैल सिंह ने सफाई दी है। उन्होंने कहा, ‘मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूं। मैंने अपना वोट हुड्डा साहब को दिखाकर डाला था।’ नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विधायक ने पार्टी के निर्देशों का पालन नहीं किया। उनका वोट पार्टी हित में नहीं गया। यह पार्टी के संविधान और नियमों का उल्लंघन है।

