Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Haryana Budget Session: हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र शुरू, अभिभाषण में राज्यपाल ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए छह प्रमुख संकल्प प्रस्तुत किए

Haryana Budget Session LIVE: हरियाणा विधानसभा का जट सत्र शुरू हो गया है। वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ सत्र की शुरुआत हुई। सत्र की शुरुआत राज्यपाल असीम कुमार घोष के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
बजट सत्र में अभिभाषण के लिए आते राज्यपाल। वीडियोग्रैब
Advertisement

Haryana Budget Session LIVE: हरियाणा विधानसभा का जट सत्र शुरू हो गया है। वंदेमातरम् के उद्घोष के साथ सत्र की शुरुआत हुई। सत्र की शुरुआत राज्यपाल असीम कुमार घोष के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण में राज्यपाल असीम कुमार घोष ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया।

विधानसभा की  कार्यवाही निर्धारित समय से 5 मिनट पहले प्रारंभ की गई। बजट सत्र के पहले दिन हरियाणा विधानसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने अपने भाषण की शुरुआत करते हुए कहा कि वंदे मातरम् “भारत की आत्मा की पुकार” है। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् की भावना हमारी संस्कृति, लोकगीतों और परंपराओं में गहराई से रची-बसी है।

Advertisement

‘विकसित भारत’ के निर्माण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए राज्यपाल ने लक्ष्य प्राप्ति के लिए छह प्रमुख संकल्प प्रस्तुत किए। पहला संकल्प वर्ष 2047 तक हरियाणा को कार्बन-नेगेटिव राज्य बनाना है। इसके लिए ट्रिपल-सी (Triple-C) दृष्टिकोण अपनाया जाएगा  क्लीन (स्वच्छ), कार्बन-नेगेटिव और अनुकूल वातावरण।

Advertisement

दूसरा संकल्प ट्रिपल-एस (Triple-S) दृष्टिकोण के तहत सुरक्षित, संरक्षित और सतत नीतियों के माध्यम से हरियाणा की वित्तीय और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।

तीसरा आयाम औद्योगीकरण से जुड़ा है, जिसके तहत ट्रिपल-आई (Triple-I) दृष्टिकोण एआई नवाचार, समावेशन और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप औद्योगिक विकास के जरिए हरियाणा को वैश्विक औद्योगिक केंद्र बनाना लक्ष्य है।

चौथा संकल्प भविष्य के लिए सुरक्षित कृषि और खाद्य प्रणाली स्थापित करना है। इसके तहत ट्रिपल-ई (Triple-E) दृष्टिकोण — समानतापूर्ण, पर्यावरण-अनुकूल और प्रयोगात्मक खेती के माध्यम से कृषि को जल संरक्षण, तकनीक और नवाचार से जोड़ा जाएगा।

पांचवां स्तंभ भविष्य-उन्मुख शिक्षा और कौशल विकास पर केंद्रित है। ट्रिपल-आर (Triple-R) दृष्टिकोण  रीइमैजिन, रीडिजाइन और रीइन्वेस्ट के जरिए युवाओं को भविष्य की नौकरियों और अवसरों के लिए तैयार किया जाएगा।

अंतिम संकल्प यह सुनिश्चित करना है कि आने वाले वर्षों में हर परिवार समृद्ध हो। इसके लिए सरकार ट्रिपल-एच (Triple-H) दृष्टिकोण — स्वस्थ, आशावान और खुशहाल के साथ काम कर रही है, ताकि प्रत्येक परिवार को सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सम्मान मिल सके।

राज्यपाल ने नीति निर्माण में सभी हितधारकों की सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने लगभग 30 मिनट में अपना भाषण समाप्त करते हुए कहा कि भाषण का निर्धारित भाग पढ़ा हुआ माना जाए और अंत में “जय हिंद, जय हरियाणा” के साथ संबोधन समाप्त किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित लगभग सभी विधायक मौजूद रहे। राज्यपाल के अभिभाषण के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। दूसरी ओर, हरियाणा विधानसभा का घेराव करने आ रहे एचपीएससी (HPSC) उम्मीदवारों को चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-17 से ही हिरासत में ले लिया।

अभिभाषण में राज्यपाल सरकार के आगामी वर्ष का विजन, विकास योजनाएं और प्राथमिकताएं सदन के सामने रखा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 2 मार्च को वित्त मंत्री के रूप में अपनी सरकार का दूसरा वार्षिक बजट पेश करेंगे। यह सत्र 18 मार्च तक चलेगा और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र केवल वित्तीय दस्तावेज पेश करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों और रणनीतियों की झलक भी देगा। ऐसे में कहा जा सकता है कि हरियाणा की सियासत का अगला अध्याय अब विधानसभा के पटल पर लिखा जाएगा, जहां बहस भी होगी, टकराव भी और फैसले भी।

शनिवार और रविवार के अवकाश के बाद 23 फरवरी से सदन में अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी, जो 26 फरवरी तक चलेगी। 27 फरवरी को मुख्यमंत्री जवाब देंगे। 2 मार्च को बजट पेश होने के बाद 3 से 9 मार्च तक समितियों में इसकी समीक्षा होगी, जबकि 10 से 13 मार्च तक बजट पर चर्चा प्रस्तावित है। 16 मार्च को चर्चा के बाद मुख्यमंत्री जवाब देंगे और 17-18 मार्च को अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।

पहली बार सदन में मार्शल की जगह पुलिस तैनात

इस बार का सत्र सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी चर्चा में है। विधानसभा के इतिहास में पहली बार सदन के भीतर मार्शल की जगह हरियाणा पुलिस के जवान तैनात रहेंगे। डीएसपी रैंक के अधिकारी ‘चीफ मार्शल’ की भूमिका निभाएंगे। सूत्रों के अनुसार, यदि हंगामे की स्थिति में किसी विधायक को बाहर करने के आदेश होते हैं तो पुलिस बल उसे अमल में लाएगा। यह निर्णय पिछले शीतकालीन सत्र में हुए हंगामे के बाद लिया गया, जब मार्शल विधायकों को बाहर कराने में असफल रहे थे। हालांकि विपक्ष इस नई व्यवस्था को लेकर सवाल उठा सकता है। जानकारी के मुताबिक डीएसपी वर्दी में रहेंगे, जबकि अन्य पुलिसकर्मी सामान्य ड्रेस में तैनात होंगे।

Advertisement
×