Haryana Budget 2026: सीएम नायब सिंह सैनी के 12 बड़े ऐलान, 2.23 लाख करोड़ का प्रावधान
Haryana Budget 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने विधानसभा में राज्य का बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। सैनी मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं। वह वित्तीय वर्ष 2026-27...
Haryana Budget 2026: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने विधानसभा में राज्य का बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। सैनी मुख्यमंत्री के साथ-साथ वित्त मंत्री का दायित्व भी संभाल रहे हैं। वह वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बजट प्रस्तुत कर रहे हैं। सैनी ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2.23 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह वर्ष 2025-26 के 2.02 लाख करोड़ रुपये बजट से 10.28 प्रतिशत अधिक है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 28,205 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव रखा।
बजट भाषण में राज्य की आर्थिक स्थिति, राजस्व संग्रह, विकास योजनाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया जा रहा है। 'हरियाणा क्लीन एयर प्रोजेक्ट' के तहत विश्व बैंक द्वारा 2716 करोड़ की सहयोग राशि स्वीकृत की गई है। हरियाणा एआई मिशन (Haryana Al Mission) के लिए 474 करोड़ की स्वीकृति विश्व बैंक से जल्द ही होगी।
सरकार के 12 महत्वपूर्ण प्रस्ताव
- किसानों को कृषि के लिए बिजली का जल्दी कनेक्शन व निर्बाध बिजली देने के लिए हरियाणा एग्री डिस्कॉम के नाम से तीसरी बिजली वितरण कंपनी बनेगी, जो सभी 5084 कृषि फीडरों और 7.12 लाख कृषि उपभोक्ताओं को सेवाएं देगी।
- राज्य की ग्राम सभाओं, पैक्स और श्रम एवं निर्माण समितियों का सशक्तिकरण किया जाएगा:-
i. ग्राम सभा की प्रत्येक बैठक में 6 नये कार्यों पर चर्चा करना अनिवार्य किया जाएगा।
ii. कम से कम 300 पैक्स को लाभ में लाने का लक्ष्य है।
iii. श्रम एवं निर्माण समितियों को 4000 करोड के सरकारी कार्य आवंटित करने का लक्ष्य है।
3. सभी विभागों के सरकारी भवनों, स्वायत्त शैक्षणिक संस्थानों तथा सभी पंजीकृत गौशालाओं को सौर ऊर्जा आधारित परिसरों में परिवर्तित किया जाएगा।
4. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर 'आदर्श परीक्षा केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। प्रथम आदर्श परीक्षा केंद्र की स्थापना 25 दिसंबर, 2026 तक कुरुक्षेत्र में की जाएगी।
5. हरियाणा को अधिक स्वच्छ, हरित और जलवायु-सक्षम राज्य बनाने की दिशा में ₹100 करोड़ के सीड प्रावधान के साथ "हरियाणा ग्रीन क्लाइमेट रेजिलिएंस फंड की स्थापना की जाएगी।
6. वर्ष 2026-27 में 14 वर्ष की लगभग 3 लाख किशोरियों का एच.पी.वी. वैक्सीन से टीकाकरण होगा। हर जिला अस्पताल और हर उप-मंडल अस्पताल में विशेष 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' क्लीनिक की स्थापना की जाएगी।
7. मई, 2026 में इनोवेशन चैलेंज का आयोजन करके सर्वोत्तम AI टीमों का चयन किया जाएगा। 1 नवंबर, 2026 से चयनित टीमों के सफल मॉडलों को संबंधित विभागों में लागू किया जाएगा।
8. निवेशकों को आकर्षित करने हेतु नई 'मेक इन हरियाणा' नीति के तहत सभी ब्लॉकों में औद्योगिक निवेश तथा कर्मचारियों की भर्ती व R&D के लिए वित्तीय प्रोत्साहन एवं एम्पलोएमेंट सब्सिडी 48000 से बढ़ाकर 1 लाख प्रति कर्मचारी प्रति वर्ष की जाएगी।
9. एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिश पर शीघ्र ही निर्णय लेकर वर्ष 2026-27 में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की जाएगी।
10 प्रदेश में यमुना नदी में जल प्रदूषण को समाप्त करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक नया मिशन प्रारंभ किया जाएगा।
11. 19 दिसम्बर, 2025 को हांसी को राज्य के 23वें जिले के रुप में गठित किया गया। इसे अब एक अति आधुनिक मॉडल जिले के रूप में विकसित किया जाएगा।
12. सोनीपत, हिसार, अम्बाला शहर, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद, नीलोखेड़ी, बहादुरगढ़, बरवाला एवं पानीपत में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 500 करोड़ का विशेष 'सक्षम' फंड बनेगा।
कृषि सेक्टर को ये मिला
- भिवानी, रोहतक, गुरुग्राम सहित अन्य जिलों में अतिरिक्त 1.40 लाख एकड़ लवणीय भूमि को खेती योग्य बनाया जायेगा।
- कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण से प्रमाणित किसानों को अगले 5 वर्षों तक 10,000 प्रति एकड़ प्रति वर्ष मिलेगा अनुदान ।
- देसी कपास की खेती की प्रोत्साहन राशि 3,000 से बढ़ाकर 4,000 प्रति एकड़।
- धान छोड़कर दालें, तिलहन और कपास उगाने वाले किसानों को 2,000 प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस।
- पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत, रोहतक, गुरुग्राम, फरीदाबाद, हिसार, चरखी दादरी व नारनौल की जिला मंडियों में जैविक किसानों को उपज बेचने के लिए विशेष स्थान मिलेगा।
- ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 2,000 महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण देकर ग्रामीण हाट और सीधे बाजार से जोड़ा जाएगा।
- मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में फलों पर मुआवजा बढ़ाकर 50,000 और सब्जियों-मसालों पर बढ़ाकर 40,000 प्रति एकड़।
- किसानों को सीधा बाजार देने के लिए प्रदेशभर में 'ग्रामीण हाट मंडियां' स्थापित होंगी।

