मोहाली सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करेगी सरकार : अश्विनी वैष्णव
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति देने के लिए मोहाली के फेज-8 में स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में शुक्रवार को ऐतिहासिक आयोजन हुआ जहां देशभर के 17 प्रमुख तकनीकी संस्थानों के छात्रों ने अपने 28 उन्नत चिप डिज़ाइन प्रयोगशाला को...
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को नई गति देने के लिए मोहाली के फेज-8 में स्थित सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला में शुक्रवार को ऐतिहासिक आयोजन हुआ जहां देशभर के 17 प्रमुख तकनीकी संस्थानों के छात्रों ने अपने 28 उन्नत चिप डिज़ाइन प्रयोगशाला को सौंपे। इन्हें यहीं निर्माण के बाद छात्रों को वापस दिया जाएगा, जिससे छात्रों को वास्तविक चिप निर्माण अनुभव मिलेगा। इस अवसर पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने उपस्थित होकर योजनाओं की समीक्षा की। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार अगले तीन साल में सरकारी चिप कंपनी सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल) को आधुनिक बनाने के लिए 4,500 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसके अंतर्गत उत्पादन क्षमता 100 गुना बढ़ाने, अत्याधुनिक तकनीक स्थापित करने और छात्रों, शोधकर्ताओं व स्टार्टअप्स को बड़े पैमाने पर सहायता देने का लक्ष्य है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के अंतर्गत आने वाली स्वायत्त संस्था सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (एससीएल) देश की एकमात्र एकीकृत डिवाइस विनिर्माण सुविधा है, जो एप्लीकेशन स्पेसिफिक इंटीग्रेटेड सर्किट्स (एएसआईसीएस), ऑप्टो-इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों और माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल प्रणाली (एमईएमएस) उपकरणों के विकास के लिए सभी समाधान मुहैया कराती है। मंत्री ने कहा कि विस्तार के लिए केंद्र ने पंजाब सरकार से 25 एकड़ जमीन देने का अनुरोध किया है।
वैष्णव यहां ‘डिवाइस हैंडओवर’ समारोह में कहा, ‘’अगले तीन साल में 4,500 करोड़ रुपये के निवेश से एससीएल को आधुनिक बनाया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि देश में 300 विश्वविद्यालयों के स्नातक छात्र और शोधकर्ता चिप डिजाइन के लिए दुनिया के सबसे नए ईडीए टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और चिप के उत्पादन में एससीएल बड़ी भूमिका निभाएगा। मंत्री वैष्णव ने कहा कि सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला मोहाली का निजीकरण नहीं होगा। इसका आधुनिकीकरण करके इसे दुनिया का अग्रणी छोटे नैनो-स्तर वाला सेमीकंडक्टर केंद्र बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि देश में 300 विश्वविद्यालयों के स्नातक छात्र और शोधकर्ता चिप डिजाइन के लिए दुनिया के सबसे नए ईडीए टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और चिप के उत्पादन में एससीएल बड़ी भूमिका निभाएगा।

