एसएसपी क्लिप की स्वतंत्र एजेंसी से करवाएं फोरेंसिक जांच : हाईकोर्ट
पंजाब निकाय चुनाव में पुलिस की ‘भूमिका’ का मामला
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि पंजाब में जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों के दौरान नामांकन प्रक्रिया को बाधित करने के लिए पुलिस कर्मियों को कथित तौर पर निर्देश देने वाले एक एसएसपी की कथित ऑडियो क्लिप को फोरेंसिक जांच के लिए एक स्वतंत्र एजेंसी को भेजा जाए। यह क्लिप एक महीने पहले सामने आई थी। दो याचिकाओं का निपटारा करते हुए चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि जांच के प्रायोजनों और पहले से दर्ज एफआईआर के लिए ऑडियो क्लिप सहित इलेक्ट्रॉनिक सामग्री को एक स्वतंत्र एजेंसी को भेजा जाए जो राज्य के अधीन न हो। हाईकोर्ट ने जांच प्रक्रिया में हस्तक्षेप के खिलाफ भी निर्देश जारी किए।
घटना की जांच की निष्पक्षता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बेंच ने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का अंतिम उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना था, जो तभी सुनिश्चित किया जा सकता था जब उसके कार्य स्वतंत्र और निष्पक्ष हों। आयोग ने पहले जिस तरह से मामले को संभाला, उस पर निराशा व्यक्त करते हुए बेंच ने कहा कि जब इस अदालत ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर (विशेष रूप से पटियाला में) चिंता व्यक्त की थी, तो उसे उम्मीद थी कि आयोग भी निष्पक्षता के साथ यह प्रक्रिया पूरी करवाएगा। आरोप है कि प्रसारित ऑडियो क्लिप में कहा गया ‘कि विरोधियों को घरों या रास्ते में रोका जाए, स्थानीय विधायकों के आदेशों का पालन किया जाए, सत्तारूढ़ आप के समर्थकों का बचाव किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि रिटर्निंग अधिकारी प्रविष्टियों को अस्वीकार कर दें।

