जीडीपी 8.2%, डेढ़ साल में सबसे तेज
देश की अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो पिछली छह तिमाहियों में सबसे अधिक है। यह वृद्धि अनुमान से अधिक रही, जिसमें जीएसटी दरों में कटौती से खपत बढ़ने की उम्मीद की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर जीएसटी दरों में कटौती की घोषणा और फिर दर कटौती के 22 सितंबर से लागू हो जाने के बाद कारखानों ने त्योहारी मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन तेज कर दिया था।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों से पता चलता है कि कारखाना उत्पादन में तेजी और सेवा क्षेत्र के मजबूत प्रदर्शन ने कृषि क्षेत्र की सुस्ती को निष्प्रभावी कर दिया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी तिमाही में देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की 5.6 प्रतिशत थी। इस साल की अप्रैल-जून तिमाही में वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी। इससे पहले उच्चतम वृद्धि 8.4 प्रतिशत थी, जो वित्त वर्ष 2023-24 की जनवरी-मार्च तिमाही में दर्ज की गई थी। इस तीव्र वृद्धि ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में बरकरार रखा है। इसी दौरान चीन की अर्थव्यवस्था 4.8 प्रतिशत बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) की बात करें तो भारत की अर्थव्यवस्था आठ प्रतिशत की दर से बढ़ी है। पिछले साल की समान अवधि में इसकी वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रही थी। पहली छमाही के बेहतर प्रदर्शन के दम पर भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष के वृद्धि लक्ष्य से भी आगे निकल सकती है। जनवरी में पेश आर्थिक समीक्षा में इसके में 6.3-6.8 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया था।
पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि दर में सुधार की उम्मीद : डेलॉयट की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि जीएसटी सुधारों और त्योहारी खरीदारी तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों को गति देंगे और पूरे वित्त वर्ष की वृद्धि दर के अनुमान में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि सितंबर तिमाही की वृद्धि दर उम्मीदों से अधिक रही है। इससे दिसंबर 2025 की मौद्रिक नीति समीक्षा में दर कटौती की संभावना कम हो गई है।
n विनिर्माण क्षेत्र ने पिछली तिमाही में 9.1 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दिखाई, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी।
n सेवा क्षेत्र का भी प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। बैंकिंग, रियल एस्टेट और अन्य सेवाओं में 10.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो एक साल पहले 7.2 प्रतिशत रही थी।
n कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और इसका वृद्धि 3.5 प्रतिशत रही जो साल भर पहले की समान अवधि में 4.1 प्रतिशत थी।
