डबवाली में कचरा उठान ठप: निजीकरण के विरोध में सफाई कर्मचारियों ने जेसीबी-ट्रैक्टर लौटाए
नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने रामलीला मैदान के पास कचरा उठाने पहुंची जेसीबी-ट्रैक्टर को रोका। डोर-टू-डोर कचरा बंद, बारिश से बढ़ी गंदगी और मच्छरों की समस्या
डबवाली नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की निजीकरण के खिलाफ राज्यव्यापी हड़ताल के चलते शहर में कचरा उठान बंद है। हड़ताल को प्रभावी बनाए रखने के लिए कर्मचारी अब कूड़े के ढेरों पर निगरानी कर रहे हैं। रविवार रात रामलीला मैदान के पास कचरा उठाने पहुंची जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को कर्मचारियों के विरोध के कारण बिना कचरा उठाए वापस लौटना पड़ा।
सफाई कर्मचारियों ने हड़ताल 11 अगस्त तक बढ़ा दी है। डोर-टू-डोर कचरा उठान बंद होने से शहर में कई जगह कचरे के ढेर लगे हैं। पिछले दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण कचरा भीगने और सड़ने से दुर्गंध फैल रही है। मच्छर और मक्खियां बढ़ने से लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक कचरा नहीं उठने से आसपास का वातावरण खराब हो रहा है और बीमारी फैलने की आशंका बनी हुई है।
नगर परिषद सफाई कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में तंबू गाड़कर धरना लगाया हुआ है। नप सफाई कर्मचारी यूनियन डबवाली के नेता सूरज कुमार ने बताया कि सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और निजीकरण बंद करने सहित उनकी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर फैसला होने तक कचरा उठाने वाले वाहनों को बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा।
रविवार रात नगर परिषद प्रशासन और ठेकेदार की ओर से रामलीला मैदान के पास जमा कचरा उठाने के लिए जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली भेजी गई थी। मौके पर मौजूद हड़ताली कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों वाहन बिना कचरा उठाए वापस लौट गए।
इससे पहले रविवार को कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़े सफाई वाहनों को भी बाहर नहीं निकलने दिया। सूचना मिलने पर गोल बाजार पुलिस चौकी प्रभारी सत्यनारायण पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील की। कर्मचारियों ने पुलिस को भरोसा दिलाया कि आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित है। बारिश के बीच जगह-जगह जमा कचरे से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। आमजन का कहना है कि सफाई कर्मचारी शहरों और कस्बों की स्वच्छता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। स्वच्छता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता का हिस्सा है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों और समस्याओं का सकारात्मक दृष्टिकोण से जल्द समाधान करना चाहिए।

