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Ganderbal Encounter : रशीद मुगल की मौत पर गहराया विवाद, पुलिस ने परिजनों से की पूछताछ; एलजी ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश

Ganderbal Encounter :  मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में इस सप्ताह हुई एक कथित मुठभेड़ में 30 वर्षीय रशीद मुगल की मौत का मामला अब विवादों में घिर गया है। जहां सेना ने मारे गए युवक को 'आतंकवादी' करार...

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गांदरबल के अरहामा गांव में मुठभेड़ स्थल के समीप स्थानीय लोगों से बातचीत करते सेना के जवान। -फोटो: एएनआई
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Ganderbal Encounter : मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में इस सप्ताह हुई एक कथित मुठभेड़ में 30 वर्षीय रशीद मुगल की मौत का मामला अब विवादों में घिर गया है। जहां सेना ने मारे गए युवक को 'आतंकवादी' करार दिया है, वहीं पुलिस इस दावे की हकीकत और घटना की परिस्थितियों की तह तक जाने के लिए गहन जांच कर रही है। इस सिलसिले में पुलिस ने रशीद के भाई समेत कई लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को इस पूरी घटना की 'निष्पक्ष और विस्तृत' मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं।

परिजनों ने नकारा आतंकी कनेक्शन, जांच के घेरे में सेना की टिप-ऑफ

गांदरबल के चौंटवालीवार इलाके के रहने वाले रशीद मुगल के परिजनों ने सेना के दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। परिवार का कहना है कि रशीद का किसी भी उग्रवादी संगठन से कोई लेना-देना नहीं था और वह पूरी तरह निर्दोष था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आखिर रशीद उस मुठभेड़ स्थल तक कैसे पहुंचा और सेना को उसके बारे में 'विशिष्ट खुफिया जानकारी' (Tip-off) कहां से मिली थी। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह वास्तव में एक आतंकी मुठभेड़ थी या परिस्थितियों कुछ और थीं।

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मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने समयबद्ध जांच की उठाई मांग

इस घटना पर राजनीतिक हलकों में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मामले में पारदर्शिता बरतने की अपील करते हुए कहा कि इस घटना की जांच 'समयबद्ध' होनी चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यदि जांच की प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या तथ्यों को छिपाने की कोशिश की गई, तो इससे सुरक्षा बलों और प्रशासन की विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुंच सकता है।

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उल्लेखनीय है कि सेना की चिनार कॉर्प्स ने बुधवार को दावा किया था कि अरहामा इलाके में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर जब चुनौती दी गई, तो दूसरी ओर से फायरिंग हुई। सेना के मुताबिक, जवाबी कार्रवाई में एक अज्ञात आतंकवादी मारा गया, जिसकी शिनाख्त बाद में रशीद मुगल के रूप में हुई। अब मजिस्ट्रेट जांच के बाद ही इस मुठभेड़ की असली सच्चाई सामने आ पाएगी।

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