Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Ganderbal Encounter : गांदरबल एनकाउंटर मामले में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, निष्पक्षता का दिया भरोसा

Ganderbal Encounter :  जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को गांदरबल जिले के अरहामा में हुई हालिया मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक कथित आतंकवादी को मार गिराया...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
प्रतीकात्मक चित्र
Advertisement

Ganderbal Encounter : जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को गांदरबल जिले के अरहामा में हुई हालिया मुठभेड़ की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने एक कथित आतंकवादी को मार गिराया था, जिस पर अब राजनीतिक विवाद गहरा गया है। उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि जांच के जरिए घटना के सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जाएगी ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।

राजनीतिक दलों ने उठाए थे गंभीर सवाल

मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात को हुई इस मुठभेड़ के बाद से ही कश्मीर की सियासत गरमा गई थी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती समेत कई प्रमुख नेताओं ने इस कार्रवाई की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लगाए थे। उमर अब्दुल्ला ने मांग की थी कि इस मामले की समयबद्ध जांच होनी चाहिए और सभी तथ्य जनता के सामने आने चाहिए। उन्होंने चेतावनी भी दी थी कि जांच में देरी से प्रशासन की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच सकता है।

Advertisement

परिजनों ने बताया निर्दोष, न्याय की मांग

मुठभेड़ में मारे गए युवक की पहचान राशिद अहमद मुगल के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही राशिद के परिजनों ने सुरक्षा बलों के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उसका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं था। परिवार के इन दावों ने मामले को संवेदनशील बना दिया, जिसके बाद विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाना शुरू किया। मुख्यमंत्री अब्दुल्ला ने भी परिवार के दावों को सिरे से खारिज न करने की बात कही थी।

Advertisement

जांच से खुलेगा मुठभेड़ का सच

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा, "मैंने गांदरबल के अरहामा में हुई मुठभेड़ की निष्पक्ष मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा।" प्रशासन का प्रयास है कि जांच पारदर्शी हो ताकि स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों के भीतर पनप रहे असंतोष को शांत किया जा सके।

Advertisement
×