कांगड़ा की सियासत का बेबाक चेहरा, पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया नहीं रहे
Major Vijay Singh Mankotia Death : 87 वर्ष की आयु में तियारा स्थित निजी आवास पर निधन, शाहपुर से पांच बार रहे विधायक और दो बार मंत्री
Major Vijay Singh Mankotia Death : कांगड़ा की सियासत में अपनी बेबाकी और स्पष्टवादिता के लिए पहचान बनाने वाले पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का मंगलवार सुबह करीब नौ बजे तियारा स्थित उनके निजी आवास पर निधन हो गया। वह 87 वर्ष के थे। पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे मनकोटिया के निधन से हिमाचल के सार्वजनिक जीवन में एक अनुभवी और मुखर व्यक्तित्व का अध्याय समाप्त हो गया।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कांग्रेस के प्रभावशाली नेता के रूप में की थी। हालांकि, उनका राजनीतिक जीवन किसी एक दल या विचारधारा तक सीमित नहीं रहा। समय के साथ उनके राजनीतिक विचारों में बदलाव आया और उन्होंने कई मौकों पर स्वतंत्र विचारों के हिमायती के रूप में भी अपनी पहचान बनाई। करीब चार दशक के राजनीतिक जीवन में उन्होंने विभिन्न राजनीतिक मंचों पर काम किया।
मनकोटिया ने कांगड़ा जिले के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का पांच बार प्रतिनिधित्व किया और प्रदेश सरकार में दो बार मंत्री रहे। उन्होंने पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कानून जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा की थी। सैन्य पृष्ठभूमि का अनुशासन, स्पष्टवादिता और निर्भीकता उनके सार्वजनिक जीवन में भी दिखाई देती रही।
भाजपा नेतृत्व ने जताया गहरा शोक
पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल एवं शांता कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त किया।
सांसद सुरेश कश्यप, डॉ. राजीव भारद्वाज और कंगना रनौत, राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार और हर्ष महाजन, प्रदेश संगठन महामंत्री सिद्धार्थन तथा प्रदेश महामंत्री संजीव कटवाल, पायल वैद्य, बिक्रम ठाकुर एवं सतपाल सिंह सत्ती ने भी शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कीं।
भाजपा नेताओं ने कहा कि मेजर मनकोटिया का जीवन राष्ट्रसेवा और जनसेवा का संगम था। सेना में अधिकारी के रूप में देश की सेवा करने के बाद उन्होंने जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश की सेवा की। नेताओं ने उनके निधन को हिमाचल के सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति बताया।
नड्डा ने कहा, सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हिमाचल प्रदेश के सार्वजनिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है। सेना में रहते हुए देश की सेवा और बाद में जनप्रतिनिधि के रूप में प्रदेश की सेवा के लिए उनका योगदान सदैव स्मरण किया जाएगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
बिंदल बोले, स्पष्टवादी और निर्भीक जननेता थे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि मेजर मनकोटिया स्पष्टवादी, निर्भीक और अनुभवी जननेता थे। उनका लंबा सार्वजनिक जीवन हिमाचल की राजनीति के अनेक महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी रहा। उन्होंने अपनी बात दृढ़ता के साथ रखने की जो शैली विकसित की, वह उनके व्यक्तित्व की विशिष्ट पहचान थी। बिंदल ने कहा कि सैनिक से जनप्रतिनिधि और मंत्री तक मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने जीवन का बड़ा हिस्सा राष्ट्र और हिमाचल प्रदेश की सेवा में समर्पित किया।
जयराम ठाकुर ने कहा, बेबाक व्यक्तित्व हमेशा याद रहेगा
नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि मेजर मनकोटिया ने सैनिक और राजनेता, दोनों भूमिकाओं में प्रदेश और देश की सेवा की। कांगड़ा और विशेष रूप से शाहपुर क्षेत्र के साथ उनका दशकों पुराना जुड़ाव रहा। उनका लंबा राजनीतिक अनुभव और बेबाक व्यक्तित्व हमेशा याद किया जाएगा।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल और शांता कुमार ने भी मेजर मनकोटिया के निधन को प्रदेश की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताया। उन्होंने कहा कि मनकोटिया ने लंबे समय तक हिमाचल के जनहित से जुड़े विषयों को मुखरता से उठाया। उनकी पहचान केवल राजनेता के रूप में नहीं थी। भारतीय सेना के अधिकारी के रूप में देश के प्रति समर्पण, जनप्रतिनिधि के रूप में जनता से जुड़ाव और सार्वजनिक जीवन में स्पष्टवादिता उनके व्यक्तित्व की स्थायी पहचान रही।

