नेपाल में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा... तबाही के बाद फिर उफनने लगी भोटेकोशी, लोगों और बचावकर्मियों को सतर्क रहने की सलाह
नेपाल में बाढ़ के बाद भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ा, मृतकों की संख्या 768 हुई
Nepal Flash Flood : नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कुछ दिन बाद रविवार को भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया जिसके बाद प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों और बचावकर्मियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) के अनुसार नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर रविवार को 768 हो गई, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। माना जा रहा है कि यह आपदा नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट हिमनद के टूटने के बाद हिमस्खलन जैसी घटना से आई।
इसने मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में भारी तबाही मचाई। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी बाढ़ के पानी को नीचे की ओर ले गई जिससे घर, वाहन, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा। एनडीआरआरएमए ने एक बयान में बताया कि नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। बयान में कहा गया, ''बाढ़ प्रभावित भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ गया है। सभी संबंधित लोगों से एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया जाता है।'' एनडीआरआरएमए ने कहा कि और जानकारी मिलने पर स्थिति के बारे में सूचना दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा के बाद करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं, जिनमें 320 विदेशी नागरिक शामिल हैं। नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि बाढ़ के बाद 275 से अधिक भारतीय और भारतीय मूल के 128 लोग अब भी लापता हैं या उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि 108 अन्य लोगों को बचा लिया गया है। नेपाल के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, लापता लोगों में बाढ़ प्रभावित तीन जिलों के विभिन्न स्कूलों के 238 छात्र और 18 शिक्षक शामिल हैं। बारिश रुक-रुक कर होने और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बीच नेपाल में शव मिलने का सिलसिला जारी है। खोज और बचाव अभियान भी लगातार संचालित किया जा रहा है।
एनडीआरआरएमए के अनुसार, अब तक चितवन जिले से 264 शव, नवलपरासी पूर्व से 194, नवलपरासी पश्चिम से 100 शव बरामद किए गए हैं। गोरखा, नुवाकोट, धादिंग, तनहू और रसुवा से भी शव बरामद किए गए हैं। नेपाल के अस्पतालों में अपने लापता परिजनों की तलाश में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों के बीच अब ध्यान मृतकों की पहचान करने पर केंद्रित होता जा रहा है। अस्पतालों की दीवारों के बाहर तस्वीरें चस्पा की गई हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग उन्हें देखकर अपने लापता परिजनों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि अब तक बरामद शवों में से केवल 17 की ही पहचान हो पाई है। कई शवों की हालत खराब होने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।

