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पहले गला घोंटा, फिर शव के टुकड़े-टुकड़े कर जंगल में फेंका; पत्नी ने प्रेमी संग रची पति की हत्या की साजिश, एक साल बाद खुला राज

नवी मुंबई में व्यक्ति की हत्या कर शव के टुकड़े किए; 11 महीने बाद पत्नी और उसका प्रेमी गिरफ्तार

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सांकेतिक फ़ोटो
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Mumbai Murder Case : करीब एक साल पहले 'लापता' हुए 50 वर्षीय एक व्यक्ति की तलाश के लिए शुरू हुई जांच में हत्या के एक खौफनाक मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले में पीड़ित की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने कथित तौर पर शव के टुकड़े कर उन्हें नवी मुंबई के एक जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। रबाले एमआईडीसी थाना प्रभारी ने बताया कि पिछले साल अगस्त में हुई यह हत्या हाल में उस समय प्रकाश में आई, जब पीड़ित के भाई ने उसके लापता होने पर संदेह जताया।

शव के टुकड़े करके जंगल में फेंके

इसके बाद पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी से पूछताछ की, जिन्होंने हत्या करने और शव के अंगों को जंगल में फेंकने की बात कबूल कर ली। पीड़ित बलिराम सूर्यनाथ कुशवाह नवी मुंबई के ऐरोली में अपनी पत्नी सुनीता (40) और दो बच्चों के साथ रहे थे। जांचकर्ताओं के अनुसार, सुनीता का एक ऑटोरिक्शा चालक राहुल दशरथ प्रजापति (30) के साथ प्रेम प्रसंग था। अधिकारी ने बताया कि जब बलिराम को इस रिश्ते का पता चला और उसने इसका विरोध किया, तो दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।

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बच्चोंं को भेजा रिश्तेदारोंं के घर, प्रेमी के साथ दिया घटना को अंजाम

उन्होंने बताया कि 9 अगस्त, 2025 की रात बच्चों को एक रिश्तेदार के घर भेजने के बाद, आरोपियों ने सोते समय कथित तौर पर बलिराम का गला घोंट दिया और फिर उसका गला रेत दिया। अधिकारी ने बताया कि अपराध के सारे सबूत मिटाने के लिए उन्होंने शव को तीन हिस्सों में काटा, अवशेषों को बोरियों में लपेटा और प्रजापति के ऑटोरिक्शा से उन्हें गवली देव पहाड़ी के जंगल में ले जाकर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया। इसके बाद सुनीता ने अपना मकान किराए पर दे दिया और बच्चों के साथ नवी मुंबई के घंसोली में रहने चली गई।

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एक साल बाद हुआ अपराध का खुलासा

यह खौफनाक अपराध इस साल अप्रैल तक दबा रहा, जब बलिराम का भाई सुनीता से मिलने आया। भाई के अचानक लापता होने को लेकर सुनीता के टालमटोल भरे जवाबों पर उसे गहरा संदेह हुआ, जिसके बाद उसने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बताया कि पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी अक्सर अपने फोन और सिम कार्ड बदलते रहते थे, लेकिन कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से दोनों के बीच लगातार बातचीत होने का पता चला। पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों में बदलाव और दोनों आरोपियों के बयानों में विसंगतियों का विश्लेषण किया, जिससे इस पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ।

पुलिस कर रही जांच

अधिकारी ने बताया कि कड़ी पूछताछ के दौरान दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें रविवार को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 238 (साक्ष्य नष्ट करना) और 3(5) (समान मंशा) के तहत मामला दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने गवली देव के घने जंगल से मृतक के कुछ अवशेष बरामद कर लिए हैं और शव के अन्य हिस्सों की तलाश की जा रही है। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

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