Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

Fire Safety Lapse : अर्की बाजार में भीषण आग, अतिक्रमण और एलपीजी भंडारण बनी बड़ी चुनौती

Fire Safety Lapse : अर्की बाजार में सोमवार को वार्ड नंबर चार में लगी भीषण आग के दौरान अतिक्रमण, असुरक्षित एलपीजी भंडारण और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण बचाव और अग्निशमन कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। संकरी सड़क पर दुकानों...

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
सोलन जिले के अर्की उपमंडल के ओल्ड बस स्टैंड क्षेत्र में सोमवार को लगी भीषण आग के बाद उठता धुएं का गुबार। -पीटीआई
Advertisement

Fire Safety Lapse : अर्की बाजार में सोमवार को वार्ड नंबर चार में लगी भीषण आग के दौरान अतिक्रमण, असुरक्षित एलपीजी भंडारण और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण बचाव और अग्निशमन कार्य बुरी तरह प्रभावित हुए। संकरी सड़क पर दुकानों के बाहर बनाए गए अवैध शेड के चलते भारी मशीनरी समय पर घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकी, जिससे राहत कार्य में देरी हुई और नुकसान बढ़ गया।

अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह करीब 8.30 बजे दो अर्थ मूवर मंगवाए गए थे, लेकिन अतिक्रमण के कारण सड़क की प्रभावी चौड़ाई काफी कम हो चुकी थी। मशीनों को आगे बढ़ाने के लिए रास्ते में बने कई अवैध शेड हटाने पड़े, तब जाकर मलबा हटाने का काम शुरू हो सका।

Advertisement

असुरक्षित एलपीजी भंडारण से भड़की आग

स्थानीय लोगों ने बताया कि आग से क्षतिग्रस्त इमारतों के भीतर छह से नौ एलपीजी सिलेंडर रखे हुए थे। आशंका है कि सिलेंडरों के असुरक्षित भंडारण के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप ले लिया और आसपास की दुकानों व मकानों तक फैल गई। इससे दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।

Advertisement

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय अवस्थी ने कहा कि पूरे मामले की गहन जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में एलपीजी सिलेंडर किसने और किस उद्देश्य से रखे थे। यदि ये प्रवासी परिवारों द्वारा उपयोग में लाए जा रहे थे, तो यह भी जांच का विषय है कि सिलेंडर किन नामों पर जारी किए गए थे।

विधायक ने कहा कि इस हादसे से सामने आई खामियों का विश्लेषण कर भविष्य में ऐसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए ठोस रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने मृतक के परिजनों को तत्काल 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए।

फायर हाइड्रेंट की कमी उजागर

आग की घटना ने अर्की में फायर हाइड्रेंट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी को भी उजागर किया। बताया गया कि पानी समाप्त होने पर फायर टेंडरों को हर बार अर्की फायर स्टेशन लौटने में करीब दस मिनट का समय लग रहा था। निरंतर अग्निशमन सुनिश्चित करने के लिए नालागढ़, बनालगी, दर्लाघाट और शिमला से अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाने पड़े।

होम गार्ड्स के कमांडेंट संतोष शर्मा ने कहा कि अर्की, कुनिहार और दर्लाघाट जैसे कस्बों में तेजी से हो रहे शहरीकरण को देखते हुए फायर हाइड्रेंट नेटवर्क का विस्तार बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने बताया कि अग्निशमन ढांचे को मजबूत करने का प्रस्ताव उपायुक्त को भेजा गया है।

इस बीच, अर्की पुलिस ने परिक्षित गुप्ता की शिकायत पर आग से संबंधित लापरवाही के मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 287 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Advertisement
×