Farmers Protest : अमेरिका के आगे घुटने टेक चुकी मोदी सरकार... 16 से दिल्ली के लिए शुरू होगिमकिशन यात्रा, 29 को जंतर मंतर पर होगी बड़ी किसान रैली
किसानों के डेथ वारंट पर किए हस्ताक्षर : डल्लेवाल
Farmers Protest : भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने अब आंदोलन को दिल्ली तक ले जाने का ऐलान कर दिया है। मोर्चा 16 अगस्त से दिल्ली के लिए किसान यात्रा शुरू करेगा और 29 अगस्त को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ा किसान जलसा होगा। यह ऐलान संयुक्त किसान मोर्चा के वरिष्ठ नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बुधवार शाम जींद पहुंचकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील किसानों के लिए डेथ वारंट पर हस्ताक्षर के समान है और मोदी सरकार की नीतियां देश को आर्थिक गुलामी की तरफ धकेल रही हैं। डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा शुरू से ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समझौते में भारतीय किसानों की बर्बादी का पूरा सामान मौजूद है। अमेरिका से कृषि और डेयरी उत्पाद, शराब तथा औद्योगिक सामान भारत में आने से देश के किसानों और छोटे उद्योगों पर बड़ा असर पड़ेगा। इससे किसानों की आमदनी प्रभावित होने के साथ बेरोजगारी भी विस्फोटक रूप ले सकती है।
अमेरिका तय कर रहा भारत की विदेश और आर्थिक नीति
डल्लेवाल ने कहा कि आज देश की हालत ऐसी हो गई है कि भारत की विदेश और आर्थिक नीतियां भी अमेरिका की मर्जी से तय होती दिखाई दे रही हैं। अमेरिका जब भारत को एक महीने के लिए रूस से तेल खरीदने की अनुमति देता है, तो इसे भी एहसान की तरह पेश किया जाता है। इससे साफ है कि देश आर्थिक गुलामी की तरफ बढ़ रहा है और भारत सरकार अपने फैसले स्वतंत्र रूप से नहीं कर पा रही।
भारत के किसानों के हित अमेरिका के हाथों में रखे गिरवी
डल्लेवाल ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील में भारतीय किसानों के हितों को अमेरिका के हाथों में गिरवी रख दिया गया है। भारत सरकार पूरी तरह अमेरिका के सामने घुटने टेक चुकी है। अब ऐसा लग रहा है कि देश में भारत सरकार की बजाय अमेरिका और उसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का शासन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को देश की जनता ने चुना है, लेकिन किसानों, मजदूरों और मेहनतकश लोगों की चिंता करने की बजाय सरकार अमेरिका और बड़े पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
सरकार को कई बार लिखा पत्र, बातचीत का इंतजार
डल्लेवाल ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रेड डील रद्द करने और किसानों से किए गए वादे पूरे करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार को कई बार पत्र लिखे हैं। सरकार की तरफ से जल्द किसान मोर्चा से बातचीत करने का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन अभी तक बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों पर गंभीरता दिखानी होगी।
देश के सभी किसान संगठनों को यात्रा में शामिल होने का आह्वान
उन्होंने बताया कि 16 अगस्त से शुरू होने वाली किसान यात्रा में देशभर के किसान संगठनों को शामिल होने का आह्वान किया गया है। डल्लेवाल ने कहा कि अगर किसी संगठन को उनसे या संयुक्त किसान मोर्चा से कोई नाराजगी है, तो किसानों के हित में उस नाराजगी को दूर कर यात्रा में शामिल होना चाहिए। किसान संगठनों को एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाना होगा।
16 को दिल्ली कूच, 29 को जंतर मंतर पर जुटेंगे किसान
डल्लेवाल ने कहा कि किसान 16 अगस्त को शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के लिए कूच करेंगे। यह यात्रा 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर मंतर पर होने वाले बड़े जलसे में तब्दील होगी। उन्होंने कहा कि इस जलसे के माध्यम से केंद्र सरकार पर भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करने और किसानों की दूसरी मांगें पूरी करने का दबाव बनाया जाएगा। 29 अगस्त के जलसे के बाद भी यदि केंद्र सरकार ने ट्रेड डील रद्द नहीं की और किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया, तो संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक बुलाई जाएगी। बैठक में आंदोलन को और तेज करने तथा आगे की रणनीति तय करने का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों का आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन सरकार की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन का दायरा और बड़ा किया जाएगा। इस मौके पर किसान नेता ईश्वर सिंह लोचब समेत कई अन्य किसान नेता मौजूद रहे।

