Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
Add Tribune As Your Trusted Source
search-icon-img
Advertisement

Excise Policy Case : दिल्ली HC ने आबकारी नीति मामले में कहा- 'टुकड़ों में फैसला नहीं सुनाएंगे'

मामले पर "व्यापक" सुनवाई करेगी और "टुकड़ों में" फैसला नहीं सुनाएगी

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
Advertisement

दिल्ली हाईकोर्ट ने आबकारी नीति मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की याचिका पर यह तय करने से सोमवार को इनकार कर दिया कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं। वह मामले पर "व्यापक" सुनवाई करेगी और "टुकड़ों में" फैसला नहीं सुनाएगी।

न्यायमूर्ति मनोज जैन ने आरोपमुक्त किए गए सभी आरोपियों को सीबीआई की लिखित दलीलों का जवाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया। अदालत ने आरोपमुक्ति के खिलाफ एजेंसी की याचिका पर पांच और छह अक्टूबर को सुनवाई करना तय किया। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल, सिसोदिया और पूर्व विधायक दुर्गेश पाठक ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका को सुनवाई योग्य नहीं होने के आधार पर खारिज करने का अनुरोध करते हुए आवेदन दायर किए हैं।

Advertisement

पाठक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विक्रम चौधरी ने न्यायमूर्ति जैन से पहले यह तय करने आग्रह किया कि सीबीआई की याचिका की सुनवाई योग्य है या नहीं। चौधरी ने दलील दी कि सीबीआई याचिका "पूरी तरह गलत आधार पर" दायर की गई है। अगर यह शुरुआती कसौटी पर खरी नहीं उतरती तो अदालत को मामले की फाइल देखने की भी जरूरत नहीं है।

Advertisement

न्यायमूर्ति जैन ने वरिष्ठ वकील से "बहुत ज्यादा तकनीकी बातों" में न जाने को कहा और कहा कि हम आपकी बात सुनेंगे। हम टुकड़ों में फैसला नहीं देना चाहते। दलीलों पर व्यापक सुनवाई होगी। टुकड़ों में नहीं। हम सीबीआई से शुरुआत करेंगे और आप पर खत्म करेंगे। दलीलें एक साथ सुनी जाएंगी। निचली अदालत ने 27 फरवरी को आबकारी नीति मामले में केजरीवाल, सिसोदिया और 21 अन्य को आरोपमुक्त कर दिया था। अदालत ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में पूरी तरह टिकने में असमर्थ है।

Advertisement
×