Ex Agniveers : पूर्व अग्निवीरों के लिए सीएपीएफ में स्थायी अवसर, गृह मंत्रालय लाएगा नई नीति
केंद्रीय गृह मंत्रालय पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल करने के लिए एक व्यापक नीति लाने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल Central Industrial Security Force के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सोमवार को यह...
केंद्रीय गृह मंत्रालय पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में शामिल करने के लिए एक व्यापक नीति लाने की तैयारी कर रहा है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल Central Industrial Security Force के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने सोमवार को यह जानकारी दी।
महानिदेशक ने बताया कि इस दिशा में गृह मंत्रालय Ministry of Home Affairs स्तर पर नीति तैयार की जाएगी, जिसमें सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल Central Armed Police Forces से परामर्श लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ ने भी पूर्व अग्निवीरों को बल में समाहित करने की संभावनाओं पर विचार के लिए अपने मुख्यालय में एक समिति गठित की है, जो अपनी कार्ययोजना मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
सीआईएसएफ ने बनाई आंतरिक समिति
प्रवीर रंजन के अनुसार, यह नीतिगत विषय गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में है और अंतिम निर्णय वहीं से लिया जाएगा। सीआईएसएफ स्तर पर गठित समिति यह आकलन कर रही है कि पूर्व अग्निवीरों को किस तरह और किन भूमिकाओं में शामिल किया जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व अग्निवीरों को किस अनुपात में और किन इकाइयों में तैनात किया जाएगा, इसकी विस्तृत योजना मंत्रालय द्वारा तय की जाएगी।
नौसेना पृष्ठभूमि वाले अग्निवीरों की उपयोगिता
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नौसेना से सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर, बंदरगाहों और समुद्री प्रतिष्ठानों की सुरक्षा से जुड़े सीआईएसएफ के दायित्वों के लिए प्रासंगिक हो सकते हैं। इससे बल की परिचालन क्षमताओं को मजबूती मिल सकती है।
अग्निपथ योजना
जून 2022 में केंद्र सरकार ने अग्निपथ भर्ती योजना शुरू की थी, जिसके तहत साढ़े सत्रह साल से 21 साल आयु वर्ग के युवाओं को चार साल के लिए सेना, वायुसेना और नौसेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। इनमें से 25 प्रतिशत को आगे 15 वर्षों के लिए सेवा में बनाए रखने का प्रावधान है, जबकि शेष 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त किया जाता है।
सीएपीएफ में आरक्षण पहले से लागू
सरकार पहले ही लगभग 11 लाख कर्मियों वाले सीएपीएफ में कांस्टेबल पदों पर भविष्य की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय ले चुकी है। सीएपीएफ में सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी शामिल हैं।
तटीय क्षेत्रों के लिए नया कार्यक्रम
महानिदेशक ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही भारत की लगभग 6,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर बसे समुदायों से जुड़ने के लिए ‘तटीय जीवंत गांव’ कार्यक्रम शुरू करेगी। यह पहल उत्तर भारत के सीमावर्ती इलाकों में चल रहे जीवंत गांव कार्यक्रम की तर्ज पर होगी।

