प. बंगाल में छिड़ा ईडी बनाम दीदी का संघर्ष
आईपैक प्रमुख के घर छापेमारी के दौरान पहुंचीं मुख्यमंत्री टीएमसी ने किया आंदोलन का ऐलान
सीएम ममता बनर्जी ने कहा- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की साजिश, भाजपा ने की कानूनी कार्रवाई की मांग
चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल में अब ईडी बनाम दीदी का संघर्ष छिड़ गया है। असल में ईडी द्वारा बृहस्पतिवार को कोयला तस्करी से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक से जुड़े परिसरों और इसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास सहित शहर के कई स्थानों पर छापे मारे जाने के बाद कोलकाता में हाई लेवल का ड्रामा हुआ।
जैसे ही एजेंसी ने छापेमारी की, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैन के घर पहुंचीं। उन्होंने दावा किया कि ईडी अधिकारियों ने उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हार्ड डिस्क के साथ-साथ आंतरिक दस्तावेजों और संवेदनशील डाटा को जब्त करने का प्रयास किया। वहीं, ईडी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने छापेमारी में बाधा डाली और महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गईं। इस घटनाक्रम के कारण राजनीतिक खींचतान भी शुरू हो गई और कांग्रेस और आप ने टीएमसी का समर्थन किया, जबकि भाजपा ने कहा कि एजेंसी को प्रोफेशनल रूप से अपने कर्तव्यों का पालन करने देना चाहिए था।
चोरी की शिकायत दर्ज : आई-पैक के प्रमुख के परिवार ने पुलिस में शिकायत दी है कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी हो गए। ईडी का तलाशी अभियान नौ घंटे से अधिक समय तक चला।
क्या बोलीं ममता
हाथ में एक फाइल पकड़े जैन के आवास से बाहर आते सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण है कि ईडी ने हमारे आईटी विंग और उसके प्रमुख के घर और कार्यालय पर छापा मारा। वे सभी जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने पार्टी की फाइल एकत्र कर ली है। ईडी हमारी पार्टी की सभी गतिविधियों और योजनाओं का विवरण प्राप्त करने की कोशिश कर रही है। वे उम्मीदवारों की सूची और हमारी आंतरिक जानकारी प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा,’अगर मैं भाजपा कार्यालय पर छापा मार दूं तो क्या होगा? नतीजा क्या होगा?’ इस बीच, टीएमसी ने आंदोलन का ऐलान किया है।
क्या कहा ईडी ने
ईडी ने एक बयान में कहा, ‘यह तलाशी साक्ष्य आधारित है और किसी भी राजनीतिक प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर नहीं की गई है। किसी भी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई है। यह तलाशी किसी भी चुनाव से जुड़ी नहीं है और मनी लॉन्ड्रिंग पर नियमित कार्रवाई का हिस्सा है। यह तलाशी सख्ती से स्थापित कानूनी सुरक्षा उपायों के अनुसार की जाती है।’ बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री के आने तक तलाशी शांतिपूर्ण तरीके से की जा रही थी। लेकिन बाद में मुख्यमंत्री आईं और भौतिक दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित महत्वपूर्ण सबूत साथ ले गईं।

