ED ने पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा को किया गिरफ्तार!, मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी GST बिलिंग का आरोप
Sanjeev Arora Arrested: चंडीगढ़ स्थित सरकारी आवास पर घंटों चली छापेमारी के बाद कार्रवाई; ईडी का दावा- 100 करोड़ से ज्यादा के फर्जी मोबाइल फोन खरीद बिल और निर्यात के जरिए हुई मनीलांड्रिंग
Sanjeev Arora Arrested: पंजाब सरकार में बिजली, उद्योग, निवेश प्रोत्साहन और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा (Sanjeev Arora) को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया है। चंडीगढ़ के पॉश सेक्टर-2 स्थित उनके सरकारी आवास पर कई घंटे चली तलाशी कार्रवाई के बाद ईडी ने यह कदम उठाया। हालांकि अभी तक उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि ईडी या अन्य अधिकारियों ने नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जल्द ही ईडी अधिकारी उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि कर सकते हैं।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, संजीव अरोड़ा पर उनकी कंपनी के माध्यम से बड़े पैमाने पर मनीलांड्रिंग करने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि 100 करोड़ रुपये से अधिक के मोबाइल फोन की फर्जी GST खरीद दिखाकर और बाद में निर्यात के जरिए दुबई से भारत तक अवैध धन की “राउंड ट्रिपिंग” की गई।
सूत्रों के मुताबिक, ईडी की करीब 20 सदस्यीय टीम सुबह कई वाहनों के साथ मंत्री के आवास पर पहुंची थी। यह पिछले कुछ महीनों में अरोड़ा के खिलाफ तीसरी तलाशी कार्रवाई बताई जा रही है। इससे पहले भी एक महीने से कम समय पहले छापेमारी हुई थी।
ईडी ने दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में कुल पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इनमें हैम्पटन स्काई रिएलिटी लिमिटेड (Hampton Sky Realty Limited) के कार्यालय और संजीव अरोड़ा से जुड़े अन्य परिसरों को शामिल किया गया।
जांच एजेंसी का आरोप है कि दिल्ली की गैर-मौजूद या फर्जी कंपनियों से नकली GST खरीद बिल हासिल किए गए। इन बिलों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), निर्यात पर GST रिफंड और ड्यूटी ड्रॉबैक का गलत तरीके से फायदा उठाया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और निजी लाभ अर्जित किया गया।
इस बीच आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व संजीव अरोड़ा के समर्थन में उतर आया है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने उनके पक्ष में मजबूती से खड़े होने का संकेत दिया है।
संजीव अरोड़ा को भगवंत मान सरकार के सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में गिना जाता है। राज्य के उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ सरकार के संबंध मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती रही है।

