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Dwarka SUV Accident : मां की आंखों में मेडल्स, दिल में मातम; मैनचेस्टर का सपना अधूरा छोड़ गया साहिल

एसयूवी हादसा: पीड़ित साहिल कुछ महीनों में पढ़ाई के लिए जाने वाला था ब्रिटेन

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Dwarka SUV Accident : दिल्ली के द्वारका में तेज रफ्तार एसयूवी के कारण जान गंवाने वाले 23 वर्षीय साहिल धनश्रा की मां उन्हें अनुशासित बेटा, हुनरमंद कलाकार और समर्पित खिलाड़ी के तौर पर याद करती हैं जो कुछ ही महीनों में अपने सपनों के कॉलेज मैनचेस्टर में पढ़ाई के लिए जाने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही उनकी जिंदगी एक दर्दनाक सड़क हादसे में थम गई। जिस तेज रफ्तार एसयूवी ने साहिल की बाइक को टक्कर मारी थी उसे एक नाबालिग चला रहा था। उनके कमरे की दीवारों पर बचपन की कई तस्वीरें टंगी हैं। रंग-बिरंगे फीते में सजे मेडल करीने से सजाए गए हैं। उसके कमरे की दीवारों पर बचपन की कई तस्वीरें टंगी हुई हैं। रंग-बिरंगी रिबन में सजे मेडल करीने से सजाए गए हैं।

इसके साथ कई अंग्रेजी में कई उद्घरण भी लिखे हैं। ये सब उस सोच और मूल्यों की याद दिलाते हैं, जिन पर वह यकीन करता था और उस उज्ज्वल भविष्य की भी, जो अब सिर्फ एक अधूरा सपना बनकर रह गया। बीबीए के अंतिम सेमेस्टर के छात्र साहिल को मैनचेस्टर में लग्जरी फैशन मैनेजमेंट में एक वर्षीय मास्टर्स ऑफ साइंस (एमएससी) कार्यक्रम में दाखिला मिल गया था और वह कुछ ही महीनों में ब्रिटेन जाने वाले थे। उन्हें प्रवेश पत्र मिल चुका था और वह जाने की तैयारी कर रहे थे।

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साहिल की मां इन्ना मकान ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, "उसने सब कुछ खुद ही किया। मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं था। वह मुझसे कहता था कि वह सब कुछ खुद ही संभाल लेगा और सब कुछ समझ लेगा, और मैं उसे प्रोत्साहित करती थी। साहिल ने विदेश में अपनी पढ़ाई को आर्थिक बोझ न बनने देने के लिए हर चीज की सावधानीपूर्वक योजना बनाई थी। उन्होंने (साहिल ने) अच्छा सीआईबीएल स्कोर बनाए रखा था और अपने मास्टर कार्यक्रम के लिए शिक्षा ऋण हासिल करने के लिए हर छोटी-बड़ी बात का सावधानीपूर्वक हिसाब लगाया था।" उनकी मां अकेली अभिभावक हैं। उनक कहना है कि वह अपने बेटे को न्याय दिलाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए अपना रियल एस्टेट व्यवसाय बंद करने की योजना बना रही हैं।

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पढ़ाई के अलावा साहिल एक हुनरमंद कलाकार भी था और उन्हें चित्र बनाना बेहद पसंद था। उनकी मांग के मुताबिक, वह बचपन से ही खेलकूद में सक्रिय रहा और उन्होंने अनेक मेडल भी जीते थे। अपनी पढ़ाई के साथ-साथ साहिल ने कई तरह के काम भी किए। साहिल की मां ने बताया कि उसने एक बीमा कंपनी में काम किया, एक दोस्त के साथ मिलकर लग्जरी बॉक्स बनाने का एक छोटा सा व्यवसाय शुरू किया और रियल एस्टेट के काम में भी उनकी मदद करता था। हालांकि, हाल में उन्होंने अपना ध्यान फिर से पढ़ाई पर केंद्रित करने का फैसला किया था क्योंकि वह अपने अंतिम सेमेस्टर में थे। माकन के मुताबिक,"साहिल ने कहा कि यह उनका आखिरी सेमेस्टर है और वह पूरी तरह से अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना चाहते हैं। जब भी उन्हें समय मिलता, वह मेरी मदद करते थे।"

साहिल ने 2018 में अपने पिता को खो दिया था। हालांकि, माकन ने कहा कि उनके पिता कभी भी किसी भी तरह से उनका मदद की नहीं की। उन्होंने बताया कि साहिल ने 2018 में अपने पिता की मृत्यु से लगभग एक या दो साल पहले उनसे संक्षिप्त रूप से दोबारा संपर्क किया था। परिवार 2013 से द्वारका में रह रहा है। माकन ने कहा कि वह तीन फरवरी को बेटे के दुर्घटना का शिकार होने के बारे में सूचना मिलने पर तुरंत घर से बाहर निकलीं। जब तक वह घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्हें अस्पताल ले गईं, तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।

पत्रकारों से बात करते हुए, प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि आरोपी का परिवार पीड़ित की तुलना में अपने बेटे को लेकर अधिक चिंतित प्रतीत होता था। आरोपी 17 वर्षीय लड़का अपनी बहन के साथ स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन) चला रहा था, तभी उसकी गाड़ी की सामने से साहिल की मोटरसाइकिल से जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में साहिल की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद एसयूवी एक खड़ी टैक्सी से भी टकरा गई, जिससे टैक्सी चालक घायल हो गया।

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