ड्राइविंग लाइसेंस पर मिलेंगे ग्रेड, नियम तोड़े तो कटेंगे प्वाइंट
जिम्मेदारी से वाहन चलाने को दिया जाएगा बढ़ावा
सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और जिम्मेदारी से वाहन चलाने को बढ़ावा देने के लिए ‘ग्रेड’ आधारित ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली लागू करने की योजना बना रही है। इसे जल्द शुरू किया जाएगा। इसके तहत, यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंक काटे जाएंगे और गंभीर या बार-बार उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकेगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि देश में हर वर्ष करीब 1.8 लाख लोगों की मौत मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए वाहन चलाने, तेज रफ्तार, गलत दिशा में जाने या नशे में गाड़ी चलाने जैसे कारणों से होती है। राष्ट्रीय राजधानी में उद्योग संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों का जीवन अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार सड़क सुरक्षा के लिए कई कदम उठा रही है।
गडकरी ने बताया कि सरकार पहले ही यातायात नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ा चुकी है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती नियमों का प्रभावी क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा, ‘हम ड्राइविंग लाइसेंस में ‘ग्रेडेड अंक प्रणाली’ ला रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि यातायात उल्लंघन पर कुछ अंक काटे जाएंगे। यदि सभी अंक समाप्त हो जाते हैं तो दोषी का लाइसेंस छह महीने के लिए निलंबित किया जा सकता है या अपराध दोहराने पर रद्द भी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। गडकरी ने लोगों से अपील की कि वे दुर्घटना पीड़ितों की मदद करें और उपचार खर्च या कानूनी औपचारिकताओं की चिंता न करें।
हर साल 5 लाख हादसों में होती हैं 1.8 लाख मौतें
भारत में हर साल करीब पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और 1.8 लाख लोगों की जान जाती है। उन्होंने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों में से 72 प्रतिशत 18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के लोग हैं। 18 वर्ष से कम आयु के 10119 लोगों की दुर्घटनाओं में जान गई। हेलमेट का उपयोग न करने से 54122, सीट बेल्ट का इस्तेमाल न करने से 14466, जबकि तेज रफ्तार के कारण 1.2 लाख लोगों की जान गई। अन्य प्रमुख कारणों में गलत दिशा में व नशे में वाहन चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल शामिल हैं।

