यमुना का पानी ‘सूखने’ से दिल्ली में पेयजल संकट बढ़ा

यमुना का पानी ‘सूखने’ से दिल्ली में पेयजल संकट बढ़ा

नयी दिल्ली के संजय कैंप क्षेत्र वासी सोमवार को नगर निगम के टैंकर से पानी भरते हुए। -मानस रंजन भुई

नयी दिल्ली, 16 मई (एजेंसी)

यमुना नदी के लगभग सूख जाने के कारण वजीराबाद, चंद्रवाल और ओखला जल शोधन संयंत्रों की उत्पादन क्षमता में और कमी आई है, जिससे दिल्ली के कई इलाकों में पेयजल की समस्या और बढ़ गई है। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक अधिकारी ने कहा कि इन संयंत्रों से पानी की आपूर्ति 40 प्रतिशत तक कम हो गई है। उन्होंने कहा कि यमुना लगभग सूख चुकी है।

वजीराबाद तालाब में जल स्तर 669.40 फुट तक घट गया है, जो इस साल अब तक का सबसे कम है। नतीजतन, वजीराबाद, चंद्रवाल और ओखला जल शोधन संयंत्रों में उत्पादन क्षमता 60-70 प्रतिशत तक कम हो गई है। वजीराबाद तालाब का जलस्तर शनिवार को सामान्य स्तर 674.50 फुट के मुकाबले 670.40 फुट रहा।

पिछले साल 11 जुलाई को तालाब का स्तर 667 फुट तक घट गया था, जिसके बाद डीजेबी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया और हरियाणा को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया। डीजेबी ने इस संबंध में हरियाणा सिंचाई विभाग को एक पखवाड़े में 12 मई, तीन मई और 30 अप्रैल को तीन बार पत्र लिखा है। हरियाणा दो नहरों सीएलसी और डीएसबी और यमुना के माध्यम से दिल्ली को एक दिन में कुल 610 मिलियन गैलन (एमजीडी) पानी की आपूर्ति करता है।

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