Digital University Policy : पंजाब में निजी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियों को मंजूरी, घर बैठे मिलेगी ऑनलाइन डिग्री
Digital University Policy : पंजाब सरकार ने ऑनलाइन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए निजी क्षेत्र के लिए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियां स्थापित करने की अनुमति दे दी है। Punjab Higher Education Department द्वारा तैयार ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल...
Digital University Policy : पंजाब सरकार ने ऑनलाइन उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए निजी क्षेत्र के लिए डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटियां स्थापित करने की अनुमति दे दी है। Punjab Higher Education Department द्वारा तैयार ‘पंजाब प्राइवेट डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटीज पॉलिसी’ के लागू होने से अब विद्यार्थी घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर और प्रोफेशनल डिग्री कोर्स कर सकेंगे।
15 जनवरी को अधिसूचित इस नीति के तहत प्रशासनिक सचिव अनिंदिता मित्रा ने बताया कि निजी डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी का मूल उद्देश्य डिजिटल, ऑनलाइन, डिस्टेंस और ओपन मोड के जरिए उच्च शिक्षा, प्रशिक्षण, शोध और नवाचार को बढ़ावा देना है। तकनीक-सक्षम प्रणालियों और इंटरनेट आधारित मंचों के माध्यम से शिक्षक और विद्यार्थी के बीच की दूरी को समाप्त किया जाएगा।
नीति के अनुसार, डिजिटल यूनिवर्सिटियां ऑनलाइन कक्षाएं, डिजिटल मूल्यांकन, वर्चुअल लैब और अन्य आधुनिक तकनीकी साधनों के जरिए पढ़ाई कराएंगी। इन यूनिवर्सिटियों के पास भौतिक परिसर जरूर होगा, लेकिन उसका उपयोग केवल प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में किया जाएगा। किसी भी तरह की नियमित कक्षाएं परिसर में नहीं होंगी।
निजी संस्थानों के लिए कड़े मानक
डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी खोलने के इच्छुक निजी संस्थानों के लिए कम से कम पांच साल का ऑनलाइन शिक्षा में विश्वसनीय अनुभव अनिवार्य किया गया है। साथ ही 20 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड बनाए रखना होगा। आवेदन के समय पांच लाख रुपये की प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी और मंजूरी मिलने के बाद 20 लाख रुपये अतिरिक्त सरकार को देने होंगे।
पंजाब के छात्रों को आरक्षण
राज्य सरकार ने पंजाब के विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित रखते हुए डिजिटल यूनिवर्सिटियों में कम से कम 15 प्रतिशत सीटें पंजाब डोमिसाइल छात्रों के लिए आरक्षित करने का प्रावधान किया है। यदि कोई निजी खिलाड़ी University Grants Commission या अन्य निर्धारित मानकों का उल्लंघन करता है, तो उस पर 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि पंजाब और केरल देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने निजी भागीदारी के साथ डिजिटल शिक्षा को औपचारिक नीति का रूप दिया है। इससे आने वाले समय में ऑनलाइन उच्च शिक्षा का दायरा और पहुंच दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

