डेमोक्रेटिक सांसदों की मांग- अरबों डॉलर का टैरिफ लौटाये ट्रंप प्रशासन
अमेरिका के उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसद सरकार से लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर के टैरिफ रिफंड (धनराशि वापस करना) प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि...
अमेरिका के उच्च सदन ‘सीनेट’ में डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन सांसद सरकार से लगभग 175 अरब अमेरिकी डॉलर के टैरिफ रिफंड (धनराशि वापस करना) प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं। अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये टैरिफ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अवैध तरीके से जारी आदेशों के आधार पर लिए
गए थे। ओरेगन प्रांत से सीनेटर रॉन वायडेन, मैसाचुसेट्स से एड मार्की और न्यू हैम्पशायर से जीन शाहीन एक विधेयक पेश करने वाले हैं। इसमें यह प्रावधान प्रस्तावित है कि अमेरिका के सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग को 180 दिन के भीतर टैरिफ लौटाना होगा और इस राशि पर ब्याज भी देना होगा। इस विधेयक में यह भी प्रस्ताव है कि रिफंड देने में छोटे व्यवसायों को प्राथमिकता दी जाए और आयातकों, थोक विक्रेताओं एवं बड़ी कंपनियों को अपने ग्राहकों तक यह रिफंड पहुंचाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
व्यापार की संभावना तलाशने को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आएंगे भारत
टोरंटो : कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अमेरिका पर निर्भरता कम करने और व्यापार की नयी संभावनाएं तलाशने के उद्देश्य से भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि कार्नी बृहस्पतिवार को मुंबई जाएंगे, जहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उद्योग जगत के दिग्गजों के साथ बातचीत करेंगे। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा की यात्रा के दौरान कार्नी वहां की संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगे और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज से मुलाकात करेंगे। फिर टोक्यो जाएंगे।
‘15 प्रतिशत टैरिफ से कुछ अर्थव्यवस्थाओं को फायदा’
नयी दिल्ली (एजेंसी) : मूडीज एनालिटिक्स के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 प्रतिशत के एकसमान टैरिफ का एशिया-प्रशांत क्षेत्र की कुछ अर्थव्यवस्थाओं को लाभ मिल सकता है। इनमें चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के अधिकतर देश शामिल हैं, जिन्हें अधिक ऊंचे टैरिफ का सामना करना पड़ रहा है। मूडीज एनालिटिक्स ने मंगलवार को बयान में कहा कि जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे देशों पर इसका प्रभाव हालांकि सीमित होगा, जहां टैरिफ पहले से ही 15 प्रतिशत है।
एपस्टीन और अदाणी के कारण मोदी अमेरिका के दबाव में : राहुल
भोपाल : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एपस्टीन फाइल्स जारी करने की धमकी और उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में चल रहे आपराधिक मुकदमे के कारण दबाव में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को मंजूरी दी है। भोपाल में कांग्रेस की ओर से आयोजित ‘किसान महाचौपाल’ को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को चुनौती दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वह इस करार को रद्द करके दिखाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपनी छवि और राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए हिंदुस्तान को अमेरिका के हाथों बेच दिया है।

