Hoax Bomb Threat Arrest : 1100 से अधिक फर्जी बम धमकियां देने वाला आरोपी मैसूर से गिरफ्तार, उत्तर भारत में भी रहा है दहशत का साया
देशभर के संस्थानों की बढ़ाई थी चिंता : 47 वर्षीय बेरोजगार श्रीनिवास लुइस ने भेजे थे धमकी भरे ईमेल; 'दैनिक ट्रिब्यून' के एक्सप्लैनर के अनुसार विदेशी सर्वर के जरिए पुलिस को चकमा दे रहा था आरोपी; हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली और हिमाचल में भी रहा है इन धमकियों का खौफ
Hoax Bomb Threat Arrest : देशभर के स्कूलों, उच्च न्यायालयों और महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालयों को बम से उड़ाने की झूठी धमकियां देकर दहशत फैलाने वाले मुख्य आरोपी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल ने स्थानीय (वी.वी. पुरम) पुलिस की मदद से शनिवार को उसे कर्नाटक के मैसूरु (वृंदावन लेआउट) स्थित उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया। मौके से एक लैपटॉप और कई सिम कार्ड बरामद किए गए हैं।
मानसिक तनाव का शिकार है आरोपी
बेंगलुरु का मूल निवासी लुइस स्नातकोत्तर (पोस्ट-ग्रेजुएट) है और वर्तमान में बेरोजगार है। वह अपनी सेवानिवृत्त मां के साथ रहता है। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि आरोपी मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहा है। पूछताछ में उसने देशभर में 1,100 से अधिक फर्जी धमकी भरे संदेश भेजने की बात स्वीकार की है। दिल्ली हाईकोर्ट के एक जस्टिस की औपचारिक शिकायत के बाद इस मामले में तेजी से कार्रवाई की गई।
कैसे रची गई खौफ की साजिश
इन लगातार धमकियों को लेकर दैनिक ट्रिब्यून वेब के एक्सप्लैनर में स्पष्ट किया गया था कि ऐसे मामलों में आरोपी पहचान छिपाने के लिए वीपीएन (VPN) और डार्क वेब का इस्तेमाल करते हैं। ईमेल को विदेशी सर्वरों (जैसे रूस या अमेरिका) के जरिए बाउंस कराकर भेजा जाता है, ताकि पुलिस ट्रैकिंग में देरी हो। एक्सप्लैनर के अनुसार, इन धमकियों का मुख्य उद्देश्य बिना किसी असली विस्फोटक के अधिकतम दहशत (पैनिक) फैलाना होता है। इससे स्कूलों को खाली कराना पड़ता है, अदालती कार्यवाही बाधित होती है और बम निरोधक दस्तों (Bomb Squads) का भारी समय व संसाधन बर्बाद होता है।
उत्तर भारत के राज्यों में कब-कब मिली धमकियां
इस साल की शुरुआत से ही उत्तर भारत के कई जिलों में इन फर्जी बम धमकियों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। इस साल की शुरुआत में हरियाणा के कई जिलों में इन फर्जी बम धमकियों ने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। सघन तलाशी अभियानों के कारण आम जनजीवन और स्कूली बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हुई थी। हरियाणा में पूर्व में घटी प्रमुख घटनाएं इस प्रकार हैं:
गुरुग्राम: साइबर सिटी में 28 जनवरी 2026 को करीब 13 नामी निजी स्कूलों (जैसे लांसर्स, पाथवेज आदि) को ईमेल से बम की धमकी मिली। इसके बाद 10 मार्च 2026 को भी यहां के एक दर्जन से अधिक स्कूलों में ऐसी ही फर्जी धमकियां दी गईं, जिसके बाद बच्चों को तुरंत घर भेजना पड़ा था।
अम्बाला: 19 जनवरी 2026 को अंबाला छावनी और शहर के 3 स्कूलों (रिवरसाइड डीएवी सहित) को धमकी मिली। इसके दो दिन बाद 21 जनवरी को अंबाला के 20 से अधिक सरकारी और निजी स्कूलों को अमेरिकी सर्वर से जनरेट किए गए ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
करनाल और कैथल: 28 जनवरी 2026 को ही करनाल जिले के 18 निजी स्कूलों और कैथल जिले के ढांड स्थित एक स्कूल को बम धमाके की फर्जी ईमेल मिली थी, जिससे अभिभावकों में भारी दहशत फैल गई थी।
कुरुक्षेत्र: जनवरी 2026 के मध्य में ही कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय और अंबाला के उपायुक्त (डीसी) कार्यालय को भी बम से उड़ाने की झूठी धमकियां मिल चुकी हैं।
चंडीग ढ़: 28 जनवरी 2026 को शहर के 30 स्कूलों (निजी और सरकारी) को बम धमाके की धमकी मिली। 9 और 25 फरवरी 2026 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर भी धमकी भेजी गई। इससे पूर्व दिसंबर 2025 में सेक्टर 43 जिला अदालत को भी निशाना बनाया गया था।
पंजाब : 11 फरवरी 2026 को मोहाली के 16 निजी स्कूलों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इससे पहले दिसंबर 2025 में जालंधर और अमृतसर के कई नामी स्कूलों को धमकी मिल चुकी है।
हिमाचल प्रदेश : 8 जनवरी 2026 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय (शिमला) को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी।
दिल्ली: राजधानी में 9 दिसंबर 2024 को 40 से अधिक स्कूलों को, 29 नवंबर 2024 को रोहिणी के एक स्कूल को और पिछले साल मई में 200 से अधिक स्कूलों को फर्जी धमकियां मिल चुकी हैं।

