Delhi Building Collapse : सत्य निकेतन PG हादसे का खुला राज, एक दीवार तोड़ते ही भरभराकर गिरी पूरी इमारत
दुकान बनाने के लिए दीवार तोड़ने से सत्य निकेतन में ढह गई इमारत: पुलिस
Delhi Building Collapse : दिल्ली पुलिस ने आज बताया कि सत्य निकेतन पीजी ढहने के मामले में गिरफ्तार एक आरोपी से पूछताछ में पता चला है कि इमारत के भूतल पर एक दुकान बनाने के लिए एक दीवार तोड़ी गई थी जिससे पूरी इमारत ढह गई।
पुलिस के मुताबिक, यह जानकारी श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार से पूछताछ में सामने आई है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को ढह गई इमारत में 'पेइंग गेस्ट' (पीजी) का संचालन करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह इस मामले में अब तक हुई पांचवीं गिरफ्तारी है। आरोपी की पहचान भजनपुरा निवासी 31 वर्षीय सुधांशु लवनीश के तौर पर हुई है।
एक दीवार को तोड़ दिया गया
इससे एक दिन पहले मंगलवार को इमारत में मरम्मत का काम करा रहे ठेकेदार सनोज कुमार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के एक अधिकारी के मुताबिक, पूछताछ में सनोज ने दावा किया है कि भूमिगत तल को समतल करने का काम किया जा रहा था और भूतल पर दुकान बनाने में बाधा बन रही एक दीवार को तोड़ दिया गया, जिसके बाद इमारत ढह गई।
सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर को मरम्मत के दौरान एक इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। इस इमारत का इस्तेमाल छात्रों के लिए पीजी आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत के मलबे से 12 लोगों को निकाला गया था। इससे पहले पुलिस ने भवन ढहने के सिलसिले में इमारत की मालकिन 75 वर्षीय उर्मिला गुप्ता, वायु सेना से सेवानिवृत्त 81 साल के उनके पति हरिराम गुप्ता और उनके बेटे महेश गुप्ता (52) को गिरफ्तार किया था।
कम दरों पर किराए पर लिया था
महेश, सुधांशु और सनोज को एक अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सुधांशु ने पूछताछ में बताया कि है कि उसने अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ, "हॉस्टल डेज" के नाम से पीजी संचालन के लिए सत्य निकेतन क्षेत्र में इस इमारत की चार मंजिलें अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये महीने के किराए पर पट्टे पर ली थी। उसने पुलिस को यह भी बताया कि उसके इलाके में सात पीजी चल रहे हैं और इमारत की जर्जर हालत के कारण उन्होंने इसे कम दरों पर किराए पर लिया था।
सुधांशु को इस बात की जानकारी थी कि निर्माण कार्य से पूरी इमारत पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसके बावजूद उसने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया और निर्माण कार्य को लेकर अनभिज्ञ बना रहा। मोती बाग में रहने वाले श्रमिक ठेकेदार सनोज कुमार (35) ने पूछताछ में बताया है कि करीब 10 दिन पहले महेश गुप्ता ने इमारत में मरम्मत के काम के लिए उसे रखा था।
इमारत यह भार नहीं झेल सकी
उसने पुलिस को बताया कि भूमिगत तल को भूतल के समतल करने का काम किया जा रहा था और इसके लिए भूमिगत तल में करीब तीन ट्रक मलबा भरा गया तथा इस काम के लिए महेश द्वारा उसे प्रतिदिन 2800 रुपये का भुगतान किया जा रहा था। अधिकारी के मुताबिक, उसने पुलिस को बताया कि एक दीवार भूतल पर दुकान बनाने की जगह में बाधा बन रही थी। घटना वाले दिन उन्होंने जगह बनाने के लिए इस दीवार को हटा दिया और इमारत यह भार नहीं झेल सकी तथा ढह गई। त्यागी फिलहाल फरार है और उसका पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

