कोरोना मौत पर मुआवजे का फैसला सुरक्षित

कोरोना मौत पर मुआवजे का फैसला सुरक्षित

प्रयागराज के मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में सोमवार को टीका लगवाती एक युवती।  -प्रेट्र

नयी दिल्ली, 21 जून (एजेंसी)

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सोमवार को सुरक्षित रख लिया। जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एमआर शाह की विशेष अवकाशकालीन पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ वकील एसबी उपाध्याय और अन्य वकीलों की दलीलें करीब 2 घंटे तक सुनीं।

शीर्ष अदालत ने पक्षकारों से 3 दिन में लिखित अभिवेदन देने को कहा और केंद्र से कहा कि वह कोरोना से जान गंवाने वालों के आश्रितों को मृत्यु प्रमाण-पत्र देने की प्रक्रिया को सरल बनाए। इससे पहले, केंद्र ने अदालत से कहा था कि कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजा नहीं दिया जा सकता, क्योंकि इसका वित्तीय बोझ उठाना मुमकिन नहीं है। केंद्र एवं राज्य सरकारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। शीर्ष अदालत 2 अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। पीठ ने केंद्र से सवाल किया कि क्या पीएम नरेंद्र मोदी नीत राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कोरोना से मरने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि नहीं देने का फैसला किया था। साथ ही, कहा कि लाभार्थियों के मन में किसी भी तरह के मलाल को दूर करने के लिए ‘एकसमान मुआवजा योजना' तैयार करने पर विचार किया जा सकता है। केंद्र सरकार ने न्यायालय में दाखिल किये गये अपने हलफनामे में कहा कि राजकोषीय वित्तीय स्थिति तथा केंद्र एवं राज्यों की आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव के चलते अनुग्रह राशि का वहन बहुत कठिन है। हालांकि, केंद्र ने न्यायालय से यह भी कहा कि ऐसा नहीं है कि सरकार के पास धन नहीं है। केंद्र ने कहा कि हम स्वास्थ्य सेवा ढांचा बनाने, सभी को भोजन सुनिश्चित करने, पूरी आबादी का टीकाकरण करने और अर्थव्यवस्था को वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज उपलब्ध कराने के लिए रखे गये कोष के बजाय अन्य चीजों के कोष का उपयोग कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने सॉलिसिटर जनरल तुषाार मेहता से कहा कि आप (केंद्र) सही स्पष्टीकरण दे रहे हैं, क्योंकि केंद्र के पास पैसे नहीं हैं का तर्क देने से व्यापक दुष्परिणाम होंगे।

देश में 88 दिन बाद सबसे कम केस

नयी दिल्ली : देश में 88 दिन बाद, 24 घंटे में कोरोना के सबसे कम 53256 नये मामले आए हैं। इसके बाद देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 29935221 हो गए हैं। इनमें एक्टिव मरीज 702887 हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इस अवधि में 1,422 और लोगों की मौत हुई है, जिससे मृतक संख्या 388135 हो गई। देश में 65 दिन बाद संक्रमण से मौत के इतने कम मामले सामने आए हैं। अभी 7,02,887 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 2.35 प्रतिशत है। राष्ट्रीय रिकवरी दर बढ़कर 96.36 प्रतिशत हो गई है। संक्रमण दर 3.32 प्रतिशत हो गई है।

एक दिन में रिकॉर्ड 82.7 लाख टीके

नयी दिल्ली (एजेंसी) : केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोरोना रोधी टीकाकरण के लिए संशोधित दिशा-निर्देशों के पहले दिन सोमवार की शाम तक देशभर में टीके की 82.7 लाख से अधिक खुराक दी गईं। 16 जनवरी से शुरू हुए टीकाकरण अभियान के बाद से एक दिन में टीके की सबसे अधिक खुराक दी गई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र आज से प्रत्येक भारतीय के लिए सभी के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान शुरू कर रहा है। अभियान के इस चरण के सबसे बड़े लाभार्थी देश के गरीब, मध्यम वर्ग और युवा होंगे। हम सभी को खुद को टीका लगवाने का संकल्प लेना चाहिए। हम साथ मिलकर कोरोना को हराएंगे।

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