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Crop Security Plan: सरकार खरीफ फसल पर अल नीनो के असर से निपटने को तैयार: मंत्री चौहान का बयान

Crop Security Plan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार इस वर्ष की खरीफ फसल पर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साथ ही एकीकृत खेती और...

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शिवराज सिंह चौहान। फाइल फोटो
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Crop Security Plan: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार इस वर्ष की खरीफ फसल पर अल नीनो के संभावित प्रभाव से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साथ ही एकीकृत खेती और दालों तथा तिलहनों में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया।

मंत्री ने यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा, '' चिंता करने के बजाय तैयारी जरूरी है। प्रभावित जिलों के लिए आकस्मिक योजनाएं बनाई जाएंगी और जहां आवश्यक होगा, वहां फसलों में बदलाव पर विचार किया जाएगा।''

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उन्होंने बताया कि मंत्रालय अल नीनो के प्रभाव की स्थिति में वैकल्पिक फसलों के लिए जिलों की पहचान करने और बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया में है।

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 13 अप्रैल को जारी अपने प्रथम चरण के पूर्वानुमान में 2026 के लिए सामान्य से कम दक्षिण-पश्चिम मानसून का अनुमान लगाया है जिसमें वर्षा दीर्घकालिक औसत का लगभग 92 प्रतिशत रहने की संभावना है।

विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) ने मई-जुलाई के बीच अल नीनो जैसी परिस्थितियों की वापसी की संभावना जताई है। वहीं अमेरिका स्थित राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (एनओएए) ने 11 मई के अपने 'ईएनएसओ अपडेट' में कहा कि मई-जून के दौरान अल नीनो परिस्थितियां विकसित हो सकती हैं और वर्ष के अंत तक बनी रह सकती हैं।

अल नीनो स्थिति, प्रशांत महासागर के पूर्वी उष्णकटिबंधीय क्षेत्र के सतही जल के असामान्य रूप से गर्म होने से जुड़ी है। यह आमतौर पर भारत में अधिक गर्म और शुष्क मौसम से संबंधित रहता है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  ''एक राष्ट्र, एक कृषि, एक दल" के तहत समन्वित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और आगाह किया कि राज्यों के स्तर पर गंभीरता की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि राज्य कृषि मंत्री ऐसे सम्मेलनों में अनुपस्थित रहते हैं तो वह मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेंगे।

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