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Mamata Banerjee Shayari: ममता बनर्जी के ‘पंजाबी शायरी’ बयान पर विवाद, ‘सरफरोशी की तमन्ना’ को लेकर उठे सवाल

Mamata Banerjee Shayari: बैसाखी कार्यक्रम में उर्दू क्रांतिकारी नज़्म को ‘पंजाबी शायरी’ बताने पर घिरीं सीएम; सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया

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ममता बनर्जी की फाइल फोटो।
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Mamata Banerjee Shayari: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक नए विवाद में घिर गई हैं। बैसाखी के मौके पर कोलकाता के बेलेघाटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उनके एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया।

वायरल वीडियो क्लिप में ममता बनर्जी सिख समुदाय को संबोधित करते हुए कहती नजर आती हैं, “आज थोड़ी पंजाबी शायरी हो जाए,” और इसके बाद उन्होंने मशहूर पंक्तियां “सरफरोशी की तमन्ना…” का जिक्र किया।

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हालांकि, सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई और इसे तथ्यात्मक गलती बताया। “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” दरअसल 1921 में बिस्मिल अज़ीमाबादी द्वारा लिखी गई एक उर्दू नज़्म है, जिसे बाद में स्वतंत्रता सेनानी राम प्रसाद बिस्मिल ने आजादी के आंदोलन के दौरान लोकप्रिय बनाया।

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आलोचकों का कहना है कि इस नज़्म का पंजाब या पंजाबी शायरी से कोई संबंध नहीं है, ऐसे में मुख्यमंत्री का यह बयान गलत और भ्रामक है।

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