PM मोदी की सदरी के तिरंगे रुमाल पर कांग्रेस का तंज: 'आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं?'
80वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी की सफेद कुर्ता-भूरी सदरी और तिरंगे रुमाल पर उठा विवाद, कांग्रेस के पवन खेड़ा ने कहा- रंगों का क्रम गलत, लगा आयरलैंड का झंडा
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सदरी की जेब में लगे तिरंगे रंग वाले रुमाल (पॉकेट स्क्वायर) को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि वह भारत के बजाय आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए मोदी ने सफेद कुर्ते और चॉकलेट भूरे रंग की सदरी के साथ राजस्थान और गुजरात की संस्कृति में प्रचलित पारंपरिक पगड़ी पहनी थी। उन्होंने अपनी सदरी में केसरिया, हरे और सफेद रंग के तीन रुमाल भी लगाए थे।
Lagta hai sahib ne Urdu mein Tiranga pehna hai.
Ya phir Bharat 🇮🇳 ki jagah Ireland 🇮🇪 ka Independence Day mana rahay hain. pic.twitter.com/g0EiOLWICI
— Pawan Khera 🇮🇳 ಪವನ್ ಖೇರಾ (@Pawankhera) August 15, 2026
सोशल मीडिया पर कुछ यूजर ने कहा कि तिरंगे को प्रदर्शित करने वाले ये रुमाल सही क्रम में नहीं थे। कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेडा ने प्रधानमंत्री की तस्वीर साझा करते हुए 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''लगता है साहब ने उर्दू में तिरंगा पहना है। या फिर भारत की जगह आयरलैंड का स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं।''
'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी प्रधानमंत्री की हताशा का स्पष्ट संकेत: कांग्रेस
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'दिमागी नक्सल' संबंधी टिप्पणी को लेकर शनिवार को उन पर निशाना साधा और कहा कि यह उनकी हताशा का स्पष्ट संकेत है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले अपने विरोधियों को 'शहरी नक्सल' कहा और अब उन्हें 'दिमागी नक्सल' कह रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह उनकी हताशा का 'स्पष्ट संकेत' है। रमेश ने दावा किया कि जिन लोगों को प्रधानमंत्री 'शहरी नक्सल' या अब 'दिमागी नक्सल' बता रहे हैं, उनकी ओर से उठाई गई मांगों या विचारों को सरकार बाद में स्वीकार करती रही है।
कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि यह यूं ही नहीं है कि उन्हें 'एंटायर पोलिटकल साइंस' में एमए (मास्टर एब्यूजर) कहा जाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से कहा कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद को खत्म करने में सफलता मिली है, लेकिन अब 'दिमागी नक्सल' से सावधान रहना होगा तथा उनकी पहचान कर उन्हें अल-थलग करना होगा।

