कांग्रेस ने कहा- राज्यसभा में PM नरेंद्र मोदी का 97 मिनट भाषण, पर ट्रंप के दावों पर चुप रहे
Rajya Sabha PM Modi Speech: कहा- ट्रंप बार-बार कर रहे भारत-पाक संघर्ष रुकवाने का दावा
Rajya Sabha PM Modi Speech: कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह बृहस्पतिवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए 97 मिनट तक बोले, लेकिन उन्होंने ''अपने मित्र (अमेरिका के राष्ट्रपति) डोनाल्ड ट्रंप'' के इस दावे पर चुप्पी साधे रखी कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष उनके हस्तक्षेप से रुका था।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव को समाप्त कराया। ट्रंप ने पहली बार पिछले साल 10 मई को सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान सैन्य टकराव को ''पूर्ण रूप से और तत्काल'' रोकने पर सहमत हुए। हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) के संपर्क करने के बाद सैन्य टकराव रोकने पर विचार किया गया था।
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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट किया, ''प्रधानमंत्री ने कल शाम राज्यसभा में एक बार फिर यह दिखा दिया कि उनके भीतर असुरक्षाओं का कितना बड़ा पुलिंदा है, वह किस तरह लगातार झूठ फैलाते हैं, उनके पास पूर्वाग्रहों का कितना बड़ा भंडार है और उनके भीतर कितनी कड़वाहट, विष एवं जहर भरा हुआ है। एक बात बिल्कुल साफ है कि वह चाहे खुद को कितना ही महान आदमी घोषित करते रहें, जितना ज़्यादा वह ऐसा करेंगे, उतना ही स्पष्ट होता जाएगा कि वह न तो अच्छे आदमी हैं और न कभी हो सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''उनके 97 मिनट के भाषण को दयनीय कहना भी एक बहुत हल्का आकलन होगा। वह अपनी ही निजी नफरतों के कैदी हैं। उन्होंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष द्वारा उठाए गए किसी भी गंभीर सवाल का जवाब नहीं दिया।'' रमेश ने कटाक्ष करते हुए कहा, ''इस बीच, वाशिंगटन डीसी में बैठे उनके अच्छे मित्र (ट्रंप) लगातार यह कहते जा रहे हैं कि उन्होंने 10 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर को रुकवाने में हस्तक्षेप किया था और यह दावा अब तेजी से शतक के करीब पहुंच रहा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं- ठीक उसी तरह जैसे उन्होंने 19 जून 2020 को पूर्वी लद्दाख में 20 से अधिक जवानों की शहादत के बाद चीन को दी गई अपनी कुख्यात 'क्लीन' चिट पर चुप्पी साध ली थी।''

