SIR के आंकड़ों पर कांग्रेस का वार, जयराम रमेश बोले- वोटर लिस्ट से नाम हटाए गए तो वापस जुड़वाएंगे
चुनाव प्रणाली पर आरएसएस-भाजपा का नियंत्रण: कांग्रेस
SIR Dispute : कांग्रेस ने शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ-भारतीय जनता पार्टी पर निर्वाचन प्रणाली पर नियंत्रण का आरोप लगाया और कहा कि वह यह सुनिश्चित करेगी कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत जिन मतदाताओं के नाम 'अवैध रूप से' हटाए गए हैं, उन्हें फिर से मतदाता सूची में शामिल किया जाए।
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में दावा किया कि एक प्रमुख आर्थिक समाचार पत्र में प्रकाशित विश्लेषण के अनुसार, एसआईआर के बाद 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या घटकर 2015 के स्तर के करीब पहुंच गई है। उनके मुताबिक, इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाताओं की संख्या 2015 में 81.7 करोड़ से बढ़कर एसआईआर शुरू होने से पहले करीब 95 करोड़ हो गई थी, लेकिन एसआईआर के बाद यह संख्या घटकर 81.8 करोड़ रह गई है।
उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के मसौदा मतदाता सूची चरण में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और वास्तविक संख्या इससे भी अधिक है, क्योंकि 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में प्रक्रिया अभी जारी है। रमेश ने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव और एसआईआर के बीच मतदाताओं की संख्या में 5.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, लेकिन एसआईआर के बाद इसमें 21 प्रतिशत की कमी आई है।
उन्होंने दिल्ली में भी एसआईआर के बाद मतदाता संख्या में 2014 के स्तर की तुलना में 16 प्रतिशत की कमी का दावा किया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि निर्वाचन प्रणाली पर आरएसएस-भाजपा का नियंत्रण निर्वाचन आयोग के माध्यम से स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी यह सुनिश्चित करेगी कि जिन मतदाताओं को अनुचित तरीके से मतदाता सूची से हटाया गया है, उनके नाम बहाल किए जाएं।
इससे पहले, रमेश ने एक अन्य पोस्ट में निर्वाचन आयोग के 26 सितंबर के बयान को लेकर उस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि आयोग ने चुनाव संबंधी डिजिटल व्यवस्था को लेकर उठे सवालों का समाधान करने के बजाय उन्हें और जटिल कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि 'इंडिया' गठबंधन द्वारा आज शुरू हो रहे देशव्यापी आंदोलन से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े मामले में जवाबदेही तय होगी।

