ठंडी हवाओं से दुबका पारा, बारिश बर्फबारी का दौर चलेगा दोबारा
मौसमी बदलाव हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर कई यात्री फंसे 1290 सड़कें बंद
आंधी-तूफान के साथ मौसम में बदलाव के बाद ठंडी हवाओं में पारा दुबक गया है। पंजाब, हरियाणा के अनेक इलाकों में तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है। पहाड़ों पर बर्फबारी एवं मैदानी इलाकों में बारिश का दौर अभी और चलेगा। सोमवार से एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। मौसम विभाग ने बताया कि शनिवार को पंजाब में बठिंडा सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 0.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोनों राज्यों की साझा राजधानी चंडीगढ़ में न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। विभाग ने बताया कि हरियाणा में हिसार सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
उधर, हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के एक दिन बाद शनिवार को भी जनजीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त रहा। बर्फबारी प्रभावित अधिकांश इलाकों में लोग बिना बिजली और पानी के रहने को मजबूर हैं। संचार नेटवर्क बंद है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। प्रदेश में 1290 सड़कें बंद हैं। राजधानी शिमला में अधिकांश क्षेत्र बिना बिजली के हैं। शिमला से आगे हिंदुस्तान तिब्बत सड़क यातायात के लिए पूरी तरह बंद है। शिमला से रोहड़ू, ठियोग और चौपाल सड़कें भी पूरी तरह बंद हैं। वहीं, कुफरी, मशोबरा, फागु और नारकंडा की तरफ गए पर्यटक फिलहाल वहीं अटक गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक हिमालय क्षेत्र में सोमवार से ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 26 से 28 जनवरी तक प्रदेश में फिर से व्यापक बर्फबारी होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने इसे लेकर एडवाइजरी जारी की है।
श्रीनगर से उड़ानें बहाल
श्रीनगर (एजेंसी) : कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी और बारिश के एक दिन बाद शनिवार को मौसम में सुधार देखने को मिला, जिससे उड़ान सेवाएं बहाल कर दी गईं। अधिकारियों ने बताया कि पूरी घाटी में रात का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे दर्ज किया गया। कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार देर रात तक रुक-रुककर बर्फबारी और बारिश होती रही।
अफगानिस्तान में 61 की मौत
काबुल : अफगानिस्तान में पिछले तीन दिनों से जारी भारी बर्फबारी और बारिश के कारण 61 लोगों की मौत हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि 458 घर नष्ट हो गए हैं और सैकड़ों जानवर मारे गए हैं। अफगानिस्तान चरम मौसम की घटनाओं के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है, जहां बर्फबारी और भारी बारिश से अचानक आने वाली बाढ़ में अक्सर बड़ी संख्या में लोग मारे जाते हैं।

