CJP Movement: वांगचुक का ब्लड शुगर स्तर गिरा, दीपके ने की 'कॉकरोचों के साथ चाय पर चर्चा'
सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है
CJP Movement: कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का रक्त शर्करा स्तर गिरकर 60 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है और उनका रक्तचाप भी बृहस्पतिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर उनके अनशन के पांचवें दिन निम्न बना रहा। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने "कॉकरोचों के साथ चाय पर चर्चा" पहल की घोषणा की, जिसका मकसद प्रदर्शनकारियों से आंदोलन का विस्तार करने के बारे में सुझाव लेना है। आंदोलन शुरू हुए 13 दिन हो चुके हैं।
वांगचुक की हालत लगातार बिगड़ रही है
दीपके ने 'एक्स' पर वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी साझा करते हुए कहा कि उनकी हालत लगातार बिगड़ रही है और यदि उन्हें कुछ भी होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। उनका शुगर लेवल गिरकर 60 रह गया है और रक्तचाप भी बहुत कम है। यदि सोनम सर को कुछ भी होता है तो इसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी।" उन्होंने प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग भी दोहराई। दीपके ने "कॉकरोचों के साथ चाय पर चर्चा" की और कहा कि इसका उद्देश्य यह जानना है कि "हम इस आंदोलन को और बेहतर तथा बड़ा कैसे बना सकते हैं।"
After assaulting students the police shamelessly asks “proof kya hai ki humne maara?” pic.twitter.com/hMz3TiZThQ
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 2, 2026
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) से जुड़े छह छात्र भी प्रदर्शन स्थल पर अलग मंच से अपना अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखे हुए हैं। एक दिन पहले आइसा ने कहा था कि अनशन कर रहे छात्रों की सेहत बिगड़ रही है। संगठन का दावा है कि जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव दानिश का रक्त शर्करा स्तर गिरकर 61 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर रह गया है, जबकि आमीन और दीपक कुमार वर्मा को भी चिकित्सकों ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण अनशन जारी न रखने की सलाह दी है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य आंदोलन के समर्थन में एकजुटता जताने के लिए बृहस्पतिवार को प्रदर्शन स्थल पहुंचने वाले हैं। पिछले कुछ दिन में इस प्रदर्शन को कई राजनीतिक नेताओं और नागरिक समाज के सदस्यों का समर्थन मिला है। प्रदर्शन स्थल पर आने वालों में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम. ए. बेबी, माकपा की वरिष्ठ नेता नेता बृंदा करात, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी. राजा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, सुप्रम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण, भाकपा नेता एनी राजा, कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज तथा तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष शामिल हैं।
सीजेपी का यह प्रदर्शन 20 जून को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ था। दीपके ने कहा है कि इस आंदोलन में जवाबदेही से जुड़े अन्य मुद्दों को भी उठाया गया है, जिनमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे चुनावी विषय भी शामिल हैं।

